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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:20 · नई दिल्ली संस्करण

मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे चर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे चर्चा

नई दिल्ली। एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे, जिसमें वे पश्चिम एशिया संघर्ष के संबंध में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि इस बैठक का मुख्य मकसद 'टीम इंडिया' की भावना के साथ मिलकर काम करने की कोशिशों में तालमेल बिठाना होगा।

जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और इसका वैश्विक असर ज्यादा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, यह बैठक पीएम मोदी के लिए एक मंच का काम कर सकती है। इस मंच के जरिए पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देंगे और इस संकट से निपटने के भारत के तरीके पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।

अधिकारी ने बताया, "चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वहां 'आचार संहिता' लागू है।"

उन्होंने बताया कि चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जिसका आयोजन कैबिनेट सचिवालय के जरिए किया जाएगा।

इससे पहले, बुधवार शाम को नई दिल्ली में संसद भवन परिसर में सरकार ने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के लिए एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाई थी।

यह बैठक पीएम मोदी के संसद में पश्चिम एशिया के हालात पर दिए गए भाषण के बाद हुई।

अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के असर को कम करने के लिए ईंधन, सप्लाई चेन, खाद और दूसरे क्षेत्रों में रणनीतियां बनाने के लिए सात 'अधिकार प्राप्त समूह' बनाए हैं।

बुधवार को हुई इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राजीव रंजन (ललन) सिंह और दूसरे नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए किरण रिजिजू ने बैठक में शामिल हुए सभी दलों के सदस्यों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सभी सवालों और चिंताओं का सरकार ने जवाब दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि सभी विपक्षी दलों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें उन्हें उनका पूरा समर्थन मिलेगा।

इस बैठक में कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, सीपीआई-एम के सांसद जॉन ब्रिटास, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और दूसरे विपक्षी नेता भी मौजूद थे।

यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। इस तनाव की वजह से समुद्री रास्ते से होने वाले जरूरी व्यापार में रुकावट आई है और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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