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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:16 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री मोदी ने असम के मोरन में पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रधानमंत्री मोदी ने असम के मोरन में पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन में नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। यह पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है।

प्रधानमंत्री मोदी वायुसेना के विमान से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जो आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पीएम मोदी का मंच पर स्वागत किया।

उद्घाटन के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना का एक एयर शो भी देखा। एयर शो में राफेल, सुखोई और मिग फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल थे।

फाइटर एयरक्राफ्ट ने हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उड़ान भरी और लैंड किया। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए कम से कम एक लाख लोग इकट्ठा हुए।

पीएम मोदी को मोरन आपातकालीन लैंडिंग सुविधा के महत्व पर एक प्रेजेंटेशन दिखाई गई। भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पीएम मोदी को इसकी जानकारी दी।

एक सरकारी बयान के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर बनाई गई ईएलएफ को 40 टन तक वजन वाले फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ-साथ 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को रखने के लिए डिजाइन किया गया है। 4.2 किमी लंबे मजबूत कंक्रीट वाले हिस्से को मिलिट्री और सिविलियन दोनों तरह के एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम इमरजेंसी रनवे के तौर पर बनाया गया है।

मोरन ईएलएफ की एक खास बात यह है कि इसमें बीच में रोड डिवाइडर नहीं है, जिससे लैंडिंग और टेक-ऑफ ऑपरेशन के दौरान एयरक्राफ्ट आसानी से आ-जा सकते हैं। भारत-चीन सीमा से नजदीकी इसकी स्ट्रेटेजिक अहमियत को और बढ़ा देती है।

ऊपरी असम में मोरन ईएलएफ को पूर्वोत्तर में भारत के सैन्य बुनियादी ढांचे में प्रमुख रणनीतिक वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है। इससे भारतीय वायुसेना को उस इलाके में ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जहां हाल के सालों में तनाव बढ़ा है।

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