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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधान मंत्री की लक्ष्यदीप यात्रा से कौन देश है तिलमिलाया, पढ़िए ख़ास खबर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रधान मंत्री की लक्ष्यदीप यात्रा से कौन देश है तिलमिलाया, पढ़िए ख़ास खबर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्ष्यदीप यात्रा कोई साधारण यात्रा नहीं थी। भारत ने एक साथ दो तीर छोडा है। एक घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना दूसरा चीन के करीब होते मालदीप का भारत के खिलाफ बनाते रणनी को करारा जवाब देना रहा है। चलिए थोड़ा विस्तार से बताते हैं।

प्रधान मंत्री की लक्ष्य दीप की यात्रा के बाद से गूगल पर लक्षद्वीप जाने से जुड़े सर्च बढ़ गए हैं। हम बता दें प्रधान मंत्री मोदी ने 2 और 3 जनवरी को अपनी यात्रा के दौरान कई विकास परियोजनाओं के साथ-साथ कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप समूह सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन का उद्घाटन किया। हालांकि इससे ज्यादा प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरें चर्चा में रहीं। स्नॉर्कलिंग, अछूते सफेद रेत वाले तट पर चलना अब पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है। लक्षद्वीप से जुड़े गूगल सर्च में उनकी यात्रा के बाद अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है।

लक्षद्वीप में लोगों की रुचि स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए एक वरदान साबित हो सकती है। वहीं यह मालदीव के लिए एक बड़ा काउंटर बन सकता है। क्योंकि लक्षद्वीप एक ऐसी जगह है, जहां मालदीव के मुकाबले ज्यादा टूरिस्ट नहीं जाते वह विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर सकता है। पीएम मोदी का यह मैसेज मालदीव के लगातार भारत विरोधी गतिविधियों के बाद भेजा गया है। मालदीव के नए राष्ट्रपति भारत विरोधी गतिविधियों में जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद इसका घरेलू पर्यटन पर बड़ा असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं चीन की ओर झुके मालदीव को भी एक करारा जवाब मिलने की उम्मीद है। दरअसल मालदीव में सबसे बड़ा उद्योग मछली पालन और टूरिज्म है। यहां जाने वाले टूरिस्ट में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। पीएम मोदी का लक्षद्वीप जाना भारत से मालदीव जाने वाले टूरिस्ट को डायवर्ट कर सकता है। सेमी ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन से किफायती सफाई - 6,990/- से शुरू साल 2023 में 209,198 भारतीय टूरिस्ट मालदीव पहुंचे। वहीं रूसी लोग मालदीव जाने वाले दूसरे सबसे बड़े टूरिस्ट हैं।

बीते साल 2023 में रूस से 209,146 टूरिस्ट मालदीव पहुंचे। मालदीव के टूरिज्म में भारत और रूस का प्रतिशत 11.1 ही है। हालांकि चीन से आने वाले टूरिस्ट की संख्या में अचानक एक बड़ा उछाल देखने को मिला है। मालदीव पहुंचने वालों में चीन के टूरिस्ट तीसरे नंबर पर रहे। 2022 की रैंकिग के हिसाब से चीनी टूरिस्ट संख्या में 27वें नंबर पर थे।

उधर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा से मालदीव की मंत्री मरियम चिढ़ी हुईं हैं। मालदीप को लगता है कि प्रधान मंत्री मोदी की लक्ष्य दीप यात्रा से उसके पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

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