मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:41 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित से दृढ़ संकल्प और परिश्रम की शक्ति बताई

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित से दृढ़ संकल्प और परिश्रम की शक्ति बताई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत की शक्ति को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से सबसे कठिन कार्यों को भी संभव बना सकते हैं। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में कहा कि जब लोग सही दिशा में लगातार प्रयास करते हैं, तो वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी प्राप्त कर लेते हैं।उन्होंने इस संदर्भ में संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया, “यद् दूरं यद् दुराध्यं यच्च दूरे सत्यम्। तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि लक्ष्य चाहे कितना भी दूर या कठिन क्यों न लगे, दृढ़ संकल्प, धैर्य और निरंतर परिश्रम के माध्यम से उसे हासिल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने संदेश में लिखा कि भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से किसी भी कार्य को संभव बना सकते हैं और सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत से वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें