प्रधान मंत्री महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के तूफानी दौरे पर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगामी दिनों में महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के तूफानी दौरे पर रहेंगे। 19 जनवरी को महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:45 बजे महाराष्ट्र के सोलापुर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:45 बजे कर्नाटक के बेंगलुरु में बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन करेंगे और बोइंग सुकन्या कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे तमिलनाडु के चेन्नई में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री सोलापुर का दौरा करेंगे
सोलापुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की 8 अमृत (कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन) परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में पीएमएवाई-शहरी के तहत पूर्ण किए गए 90,000 से अधिक घर सौंपेगे। इसके अलावा, वह सोलापुर में रायनगर हाउसिंग सोसाइटी के 15,000 घर भी सौंपेगे, जिनके लाभार्थियों में हजारों हथकरघा श्रमिक, विक्रेता, पावरलूम श्रमिक, कचरा बीनने वाले, बीड़ी श्रमिक, ड्राइवर और अन्य शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र में पीएम-स्वनिधि के 10,000 लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त के वितरण की शुरुआत करेंगे।
प्रधानमंत्री बेंगलुरु का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री बेंगलुरु में नए अत्याधुनिक बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (बीआईईटीसी) परिसर का उद्घाटन करेंगे। 1,600 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित, 43 एकड़ का यह परिसर अमेरिका के बाहर बोइंग का सबसे बड़ा निवेश है। भारत में बोइंग का नया परिसर भारत में जीवंत स्टार्टअप, निजी और सरकारी इकोसिस्टम के साथ साझेदारी का आधार बन जाएगा, और वैश्विक एयरोस्पेस व रक्षा उद्योग के लिए अगली पीढ़ी के उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री बोइंग सुकन्या कार्यक्रम की भी शुरूआत करेंगे जिसका उद्देश्य देश भर से कुछ और लड़कियों को देश के बढ़ते विमानन क्षेत्र में प्रवेश का समर्थन करना है। यह कार्यक्रम पूरे भारत की लड़कियों और महिलाओं के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कौशल सीखने और विमानन क्षेत्र में नौकरियों के प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगा। युवा लड़कियों के लिए, यह कार्यक्रम एसटीईएम करियर में रुचि जगाने में मदद करने के लिए 150 नियोजित स्थानों पर एसटीईएम प्रयोगशाला बनाएगा। यह कार्यक्रम उन महिलाओं को छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा जो पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं।





