मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:31 · नई दिल्ली संस्करण

रायपुर : समय पर जीएसटी का भुगतान नहीं करने वाले व्यवसायियों पर स्टेट जीएसटी सख्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रायपुर,। राज्य मे पिछले कुछ वर्षों मे जिलों मे डीएमएफ मद से बड़ी

संख्या मे निर्माण कार्य और सामाग्री क्रय किया गया है परंतु जितना व्यय

शासन द्वारा किया गया है उस अनुपात मे शासन को जीएसटी नहीं मिला है।

स्टेट

जीएसटी में गठित किए गए बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट के द्वारा ए आई आधारित आई

टी टूल्स का प्रयोग कर ऐसे व्यवसायियों का एनालिसिस किया जा रहा है जिनके

द्वारा शासकीय सप्लाइ तो किया गया है पर जीएसटी नहीं पटाया गया है।

वित्त

मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही

है। इसी तारतम्य मे विगत दिनों कुछ व्यवसायियों की जांच कर उनसे टैक्स जमा

करवाया गया । केशकाल के भारत इन्फ्रा नाम के व्यवसायी के प्रकरण मे 91

लाख रुपये और रायपुर के कृष्ण इंटरप्राइजेस मे 2.5 करोड़ रुपये की कर चोरी

पकड़ी गई है इसमे से 1.75 करोड़ रुपये टैक्स विभाग ने वसूल कर किया है । इसी

तरह का एक और मामला हार्टीकल्चर विभाग मे भी पकड़ा गया है जिसमे शेड नेट

सप्लाइ करने वाली कंपनी किसान एग्रोटेक को विभाग ने नोटिस दिया है।

इस

प्रकार की कर चोरी करने वाले व्यवसायी अक्सर अपनी टैक्स लाईबिलिटी कम

दिखाने के लिए बोगस बिलों पर आई टी सी क्लेम करते हैं परंतु यह भूल जाते

हैं कि अब विभाग के पास ऐसे कई आई टी टूल्स हैं जिनके कारण इस तरह के

मामलों मे बच निकलना कठिन है। राज्य कर विभाग के द्वारा लगातार व्यवसायियों

की बैठक लेकर उन्हे जागरूक भी किया जा रहा है कि कर देयता से बचने का कोई

शॉर्टकट न अपनाएं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी व्यापारियों से अपील की है

कि वो ईमानदारी से अपने टैक्स का भुगतान करें।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें