बिहार में नीतिश के फैसले पर कोर्ट का चाबुक, रोकी गयी गणना

पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें नीतिश सरकार ने जाति आधारित गणना के लिए 5 सौ करोड़ से ज्यादा की धन राशि जारी की थी। जी हां पटना हाईकोर्ट ने जाति आधारित गणना पर रोक लगा दी है। अब बिहार सरकार ने हाईकोर्ट से अपील की है कि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए, ताकि आगे का काम किया जा सके।
हम बता दें कि जाति गणना का 80% काम पूरा जाति आधारित गणना का काम 80% पूरा कर लिया गया है, लेकिन उसे 100% करने के लिए और समय की जरूरत है। ऑफलाइन का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है, बाकी आंकड़े को ऑनलाइन कलेक्ट करना है। 7 जनवरी से शुरू हुई गणना 15 मई को खत्म होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। कैबिनेट से पूरी गणना पर 500 करोड़ खर्च करने की मुहर लगी है, लेकिन इसे कानूनी रूप नहीं दिया गया है।
इसे लेकर बिहार सरकार की तरफ से पिटीशन भी दायर की गई है। बिहार सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल पी के शाही ने इस पर जल्द सुनवाई करने की गुहार लगाई है। बता दें कि हाईकोर्ट ने पिछले गुरुवार को जाति आधारित गणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक जो डेटा कलेक्ट हुआ है, उसे नष्ट नहीं किया जाए। मामले पर अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।





