Bihar में बड़ा भ्रष्टाचार: ADM पति और Sub-Registrar पत्नी के दो फ्लैट से निकला 79 लाख कैश और 48 महंगी घड़ियां

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पटना में तैनात ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की जिला सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने एक साथ छापेमारी की है। इस रेड में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है।विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (VIB) ने सोमवार 28 सितंबर को कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह कार्रवाई की। यह केस Vigilance PS Case No. 113/26 के तहत आय से अधिक संपत्ति के आरोप में दर्ज किया गया था।
टीम ने पटना और बेगूसराय में 4 जगहों पर एक साथ छापा मारा। पटना में कश्यप ग्रीन सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 304, दोनों के ऑफिस और बेगूसराय के पोखरिया वार्ड नंबर 37 स्थित पुश्तैनी मकान पर तलाशी ली गई। विजिलेंस को सबसे बड़ी बरामदगी पटना वाले फ्लैट से हुई। वहां से 100 से ज्यादा बंडल 500 रुपये के नोटों के मिले। कुल 70 लाख रुपये कैश बरामद हुआ। कैश इतना ज्यादा था कि गिनने के लिए करेंसी काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी। बेगूसराय वाले घर से भी 9 लाख रुपये कैश मिला। इस तरह कुल 79 लाख रुपये नकद बरामद हुआ है। VIB के DG जितेंद्र सिंह गंगवार ने इसकी पुष्टि की है।
कैश के अलावा टीम को फ्लैट से 48 महंगी विदेशी ब्रांड की घड़ियां मिली हैं। कुछ रिपोर्ट्स में 40 घड़ियां बताई गई हैं। इनकी कीमत करीब 6 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है। इसके अलावा 80 लाख रुपये से ज्यादा के सोने के गहने बरामद हुए हैं। टीम को तीन जमीन के दस्तावेज, प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात, बैंक अकाउंट और निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। दो लग्जरी फ्लैट भी ट्रेस किए गए हैं। शुरुआती जांच में 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। विजिलेंस ने कुल 1 करोड़ 6 लाख 85 हजार 900 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का FIR दर्ज किया है।
रविंद्र कुमार दिवाकर पहले गया में SDM और सारण में DPRO के पद पर रह चुके हैं। पिछले करीब एक साल से पटना में ADM सप्लाई के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी दानापुर में सब-रजिस्ट्रार हैं। दोनों पति-पत्नी सरकारी पद पर रहकर अकूत संपत्ति जुटाने के आरोप में घिर गए हैं। फिलहाल विजिलेंस की टीम बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। बैंक डिपॉजिट और फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट की भी जांच हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ कैश और गहने मिलना ही अपराध नहीं है, इसकी आय के स्रोत की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।





