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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

23 जून का पंचांग: सुबह 09:12 से 10:55 तक राहुकाल, भूलकर भी न करें शुभ काम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
23 जून का पंचांग: सुबह 09:12 से 10:55 तक राहुकाल, भूलकर भी न करें शुभ काम

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।

23 जून 2026 (मंगलवार) का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष नवमी तिथि है, जो दोपहर 4:39 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। सुबह 5:30 से 07:12 बजे तक अमृत काल रहेगा और सुबह 4:10 से 4:58 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।

इस दिन सुबह 5:46 बजे सूर्योदय और शाम 19:11 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 1:42 बजे चन्द्रोदय और रात 1:20 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार 23 जून 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। इसी दिन सूर्य मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र 'आर्द्रा' में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा हस्त नक्षत्र (सुबह 06:24 तक) में गोचर करेगा और इसके बाद चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

वहीं, 23 जून 2026 (मंगलवार) को हर्षण योग नहीं, बल्कि वरीयान योग है।

वैदिक पंचांग के अनुसार 23 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है।

अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:15 से 01:08 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ माना जाता है।

यह दिन के मध्य का सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या महत्वपूर्ण निर्णय लेना अत्यंत फलदायी होता है।

वहीं, राहुकाल दोपहर 3:55 से 5:39 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 11:53 से दोपहर 12:38 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 09:12 बजे से 10:55 बजे तक रहेगा।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इसको अशुभ समय माना जाता है।

वहीं, इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं। साथ ही, 23 जून 2026 (मंगलवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।

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