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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:21 · नई दिल्ली संस्करण

गुजरात और महाराष्ट्र भारत की विकास यात्रा के मजबूत स्तंभ : राज्यपाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
गुजरात और महाराष्ट्र भारत की विकास यात्रा के मजबूत स्तंभ : राज्यपाल

राजभवन में गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयाेजनरांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि हमारा देश विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस उपलब्धि में गुजरात और महाराष्ट्र का सबसे अधिक योगदान है। दोनों राज्यों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान भारत की विकास यात्रा में अद्वितीय रहा है। मुझे खुशी है कि इन राज्यों से जुड़े लोग झारखंड में भी विविध क्षेत्रों- व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक सेवा में सराहनीय योगदान दे रहे हैं।राज्यपाल गुरुवार को राजभवन में गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि हमारे अपर मुख्य सचिव एवं एडीसी (पुलिस) भी महाराष्ट्र के मूल निवासी हैं और यहां अपना योगदान दे रहे हैं। हर्ष है कि यहां निवास कर रहे गुजराती और मराठी समाज ने न केवल अपनी संस्कृति को जीवित रखा है, बल्कि झारखंड की मिट्टी से अपनापन जोड़कर इसे समृद्ध किया है। यह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना का प्रत्यक्ष उदाहरण है।उन्हाेंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में भी गुजरात और महाराष्ट्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इन राज्यों के लोगों ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अनेक आंदोलनों और संघर्षों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन राज्यों की धरती पर अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध सत्य और अहिंसा के आधार पर संघर्ष की प्रेरणादायक मिसालें देखने को मिलती हैं। देश की स्वतंत्रता के लिए दिया गया उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।राज्यपाल ने कहा कि नमक सत्याग्रह, बारडोली सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में हुए। प्रसिद्ध दांडी मार्च से प्रारंभ हुआ नमक सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इसमें देश भर के लोगों ने व्यापक रूप से भाग लिया और यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक विशाल जनआंदोलन बना। बारडोली सत्याग्रह, जो सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में हुआ।वहीं वर्ष 1942 में आरंभ हुआ भारत छोड़ो आंदोलन ब्रिटिश शासन को भारत छोड़ने के लिए बाध्य करने के लिए शुरू किया गया था। इसमें गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों की बड़ी भागीदारी रही।राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है, जिनकी वीरता और स्वाभिमान की गाथाएं आज भी जन-जन में ऊर्जा का संचार करती हैं। इस राज्य ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले और विनायक दामोदर सावरकर जैसे महान नेता दिए, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा ज्योतिराव फुले कई समाज सुधारक और व्यक्तित्व प्रदान किये, जिन्होंने सामाजिक अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। राज्य की राजधानी मुंबई जैसे वैश्विक शहर ने भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।राज्यपाल ने कहा कि गुजरात देश की व्यापारिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक उन्नति का एक मजबूत स्तंभ रहा है। राष्ट्रपिता गांधीजी एवं राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्रधार तथा आधुनिक भारत के महान शिल्पकार लौहपुरुष सरदार पटेल की जन्मभूमि गुजरात ने हमें आत्मनिर्भरता, एकता और सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाया है। आज गुजरात न केवल औद्योगिक विकास में अग्रणी है, बल्कि पर्यटन, कृषि और संस्कृति के क्षेत्र में भी मिसाल कायम कर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित हुआ "गुजरात मॉडल" देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बन चुका है।

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