डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया नमन, बोले - उनका बलिदान देश की एकता का अमर दीप है

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया नमन, बोले - उनका बलिदान देश की एकता का अमर दीप है
जयपुर, 6 जुलाई 2025:
भारतीय राजनीति के राष्ट्रवादी अधिष्ठान और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आज प्रदेश भाजपा मुख्यालय जयपुर में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष श्री मदन राठौड़ ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके राष्ट्रसमर्पण को याद करते हुए कहा कि “डॉ. मुखर्जी का जीवन भारतीय राष्ट्रवाद की जीती-जागती मिसाल है।”
“एक राष्ट्र, एक विधान” के लिए दिया जीवन का बलिदान
अपने संबोधन में मदन राठौड़ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने न केवल स्वतंत्र भारत की राजनीति को वैचारिक दिशा दी, बल्कि ‘एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ के उद्घोष के साथ देश की अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि “डॉ. मुखर्जी का बलिदान कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि भारत की चेतना को झकझोर देने वाला प्रेरणास्त्रोत है। उनका संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि भारत का संविधान, उसकी एकता और अखंडता सर्वोपरि है।”
भारतीय जनसंघ से भाजपा तक, एक राष्ट्रवादी परंपरा का निर्माण
राठौड़ ने यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर भारत की राजनीति में राष्ट्रवादी विचारधारा की आधारशिला रखी, जो आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन चुकी है। उन्होंने कहा, “आज जो भाजपा राष्ट्रहित में निर्णय लेने वाली मजबूत सरकार दे रही है, उसकी जड़ें डॉ. मुखर्जी के विचारों और बलिदान में गहराई से जुड़ी हुई हैं।”
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहे वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, प्रदेश कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक, एस.टी. मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष नारायण मीणा, कार्यालय सह प्रभारी रजनीश चनाना सहित भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पदाधिकारी और युवा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। सभी ने सामूहिक रूप से डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके सपनों के भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
नए भारत के निर्माण में डॉ. मुखर्जी का विचार मार्गदर्शक
अंत में राठौड़ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी की जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है, और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर भारत को आत्मनिर्भर, अखंड और सशक्त बनाना है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए उनका जीवन एक दीपस्तंभ की भांति है जो हर चुनौती में मार्ग दिखाता है।
देश की एकता, अखंडता और आत्मगौरव के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा: मदन राठौड़





