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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:31 · नई दिल्ली संस्करण

पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू: 31 जुलाई तक करें अनुशंसा, सरकार का आह्वान – बनाएं “जन पद्म” का सपना साकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू: 31 जुलाई तक करें अनुशंसा, सरकार का आह्वान – बनाएं “जन पद्म” का सपना साकार

पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू: 31 जुलाई तक करें अनुशंसा, सरकार का आह्वान – बनाएं “जन पद्म” का सपना साकार

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025 – भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन और अनुशंसा की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के लिए आमजन से नामांकन मांगे गए हैं। नामांकन की प्रक्रिया 15 मार्च 2025 से प्रारंभ हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। नामांकन केवल ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे।

पद्म पुरस्कार: गौरव की परंपरा

पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। ये पुरस्कार हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं और यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा, उल्लेखनीय उपलब्धि और सामाजिक योगदान के माध्यम से देश और समाज को दिशा देने का कार्य किया है।

इन क्षेत्रों में कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, खेल, समाजसेवा, लोक प्रशासन, सिविल सेवा, व्यापार, उद्योग, सार्वजनिक जीवन आदि शामिल हैं। ये पुरस्कार जाति, लिंग, धर्म या पद की परवाह किए बिना उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं, जिन्होंने सचमुच 'कार्य में विशिष्टता' का परिचय दिया है।

हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि सरकारी सेवकों (डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर) को यह पुरस्कार देने की अनुमति नहीं है।

“जन पद्म” की अवधारणा: हर व्यक्ति बन सकता है प्रेरणा

मोदी सरकार का लक्ष्य है कि पद्म पुरस्कार अब केवल प्रतिष्ठित हस्तियों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर कोने में काम कर रहे गुमनाम नायकों तक पहुंचे। यही कारण है कि इन पुरस्कारों को “जन पद्म” का रूप देने का अभियान चलाया जा रहा है।

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें और उनका नामांकन करें, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से समाज, समुदाय या राष्ट्र के हित में कार्य किया हो, विशेष रूप से महिलाएं, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग, दिव्यांगजन और समाज के वंचित वर्गों से आने वाले वे लोग जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं।

नामांकन कैसे करें?

नामांकन केवल ऑनलाइन पोर्टल https://awards.gov.in पर किया जा सकता है। हर नामांकन के साथ एक विवरणात्मक प्रस्तुति (citation) देना आवश्यक है, जिसमें अधिकतम 800 शब्दों में उस व्यक्ति की विशिष्ट उपलब्धियों और सेवाओं का उल्लेख हो। यह विवरण ही निर्णायक भूमिका निभाएगा, इसलिए उसे सटीक और प्रभावशाली रूप में तैयार किया जाना चाहिए।

नामांकनकर्ता किसी अन्य योग्य व्यक्ति की अनुशंसा कर सकते हैं, या फिर स्वयं भी नामांकन कर सकते हैं (Self-nomination)।

और जानकारी कहां मिलेगी?

गृह मंत्रालय की वेबसाइट: https://mha.gov.in

पद्म पुरस्कार पोर्टल: https://padmaawards.gov.in

नियमों और शर्तों के लिए लिंक: https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx

भारत सरकार का यह प्रयास न केवल पुरस्कार प्रणाली को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह देश के हर कोने में छिपे हुए उन सच्चे सेवकों को मंच देने का प्रयास भी है, जो चुपचाप समाज को नया आकार दे रहे हैं।

यदि आप किसी ऐसे नायक को जानते हैं, जो बिना किसी नाम या प्रसिद्धि के समाज की सेवा कर रहा है – तो अब वक्त है उसे भारत का गौरव दिलाने का। 31 जुलाई 2025 से पहले करें नामांकन और बनाएं “जन पद्म” का सपना साकार।

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