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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण ब्लास्ट मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिए अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए अदालत ने यह समय एजेंसी की मांग पर बढ़ाया है।

एनआईए ने दूसरी बार कोर्ट से समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसे शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई नए सुराग सामने आए हैं और बड़े पैमाने पर डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त समय जरूरी है।

एनआईए ने दावा किया है कि इस मामले के तार केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

जांच के दौरान आरोपियों से कुछ कट्टरपंथी अरबी लेख भी बरामद हुए हैं।

इन्हें समझने और विश्लेषण करने के लिए एनआईए ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक अरबी विशेषज्ञ की मदद ली है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान भी की गई है, जिसकी गहन जांच जारी है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।

इससे पहले 13 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपियों (डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद, मुजम्मिल और यासिर अहमद डार) की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।

एनआईएए ने कोर्ट को बताया था कि मामले में अभी और सबूत जुटाने हैं और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है, इसलिए हिरासत बढ़ाना जरूरी है ताकि जांच सही तरीके से पूरी की जा सके।

10 नवंबर 2025 को हुए इस भीषण विस्फोट ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया था। इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था।

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