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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:59 · नई दिल्ली संस्करण

धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का किया शुभारंभ, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की लॉन्च

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का किया शुभारंभ, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की लॉन्च

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रगति मैदान के भारत मंडपम में 52वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (एनडीडब्ल्यूबीएफ) का शुभारंभ किया। इस बार मेले की थीम 'बहुभाषी भारत: एक जीवंत परंपरा' है। उन्होंने इस मौके पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया।केंद्रीय मंत्री प्रधान ने इस मौके पर कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के 52वें संस्करण के शुभारंभ की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता और वैश्विक साहित्यिक परंपराओं का जश्न मनाते हुए, एनडीडब्ल्यूबीएफ 2024 साहित्य, विविध संस्कृतियों, कलात्मक अभिव्यक्तियों और ज्ञान का एक सामंजस्यपूर्ण सम्मेलन है।इस बार ई-लर्निंग के प्रति उत्साह को देखते हुए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है। नेशनल ई-लाइब्रेरी विभिन्न प्रकार की गैर-शैक्षणिक पुस्तकों तक पहुंचने के लिए अपनी तरह की पहली डिजिटल लाइब्रेरी है। बच्चों और किशोरों के लिए पुस्तकें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण कथन, "जब नागरिक पढ़ते हैं, तो देश आगे बढ़ता है" पर आधारित हैं। राष्ट्रीय ई-लाइब्रेरी छात्रों के बीच जीवन भर पढ़ने की आदत को बढ़ावा देगी। छात्र अपनी पसंद की भाषा में विभिन्न प्रकार के साहित्य का अध्ययन कर सकेंगे। यह भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं के साहित्य को उजागर करेगी और वसुधैव कुटुंबकम को साकार करने के इरादे से सांस्कृतिक जागरूकता, देशभक्ति और सहानुभूति के भाव को बढ़ावा देगी।राष्ट्रीय ई-लाइब्रेरी में किताबें युवा भारतीयों में गर्व की भावना विकसित करने के लिए भारत के इतिहास, संस्कृति, वैज्ञानिक और अन्य उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। राष्ट्रीय ई-लाइब्रेरी में अंग्रेजी के अलावा भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत सभी 23 भाषाओं की किताबें शामिल होंगी। आज तक 30 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशक मंच से जुड़ चुके हैं, और 1000 से अधिक पुस्तकें अपलोड की जा चुकी हैं।नौ दिवसीय पुस्तक मेले में एक हजार से अधिक प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। 40 से ज्यादा देशों के प्रकाशक एवं प्रतिनिधि विश्व पुस्तक मेले में हैं। यह बी2सी स्तर का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। विश्व की लगभग सभी भाषाओं के प्रतिनिधि यहां पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।प्रगति मैदान के हॉल संख्या 1 से 5 में आयोजित इस पुस्तक मेले में पाठकों को हॉल 1 में विज्ञान, मानविकी और दर्शन की पुस्तकें हैं। हॉल 2 में भारतीय भाषाओं के लेखक विभिन्न साहित्यिक विषयों, पुस्तकों एवं विधाओं पर बात करेंगे। इसके लिए लेखक मंच बनाया गया है। हॉल 3 बच्चों के लिए है, जिसमें बच्चों से जुड़े हर विषय की पुस्तकें, स्टेशनरी, कला एवं शिल्प आदि सामग्री उपलब्ध है। बालमंडप में बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों की व्यवस्था है। हॉल 4 में अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां आयोजित होंगी और हॉल 5 थीम मंडप का है। इस बार की थीम बहुभाषी भारत : एक जीवंत परंपरा है, जिसको ध्यान में रखते हुए विश्व पुस्तक मेले में हर आयु वर्ग के लिए हर भाषा की पुस्तकें उपलब्ध हैं।

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