नीट पेपर लीक :पटना सिविल कोर्ट में 2 जुलाई को होगी सुनवाई

नीट पेपर लीक :पटना सिविल कोर्ट में 2 जुलाई को होगी सुनवाई
-संजीव पर 15 जुलाई को हियरिंग,ईओयू एडीजी के साथ हुई सीबीआई की बैठक
पटना।पटना सिविल कोर्ट में मंगलवार को नीट पेपर लीक में एडीजे-5 राजेंद्र कुमार सिन्हा के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि यह केस अब सीबीआई के पास चला गया है। जिस पर कोर्ट ने कहा कि इसकी जानकारी ऑर्डर पेपर के साथ दें। पेपर मिलने के बाद मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत में की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।वहीं, मामले के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के अग्रिम बेल पर 15 जुलाई को सुनवाई होगी। इससे पहले यह सुनवाई 21 जून को हुई थी। उस दिन कोर्ट ने केस डायरी पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई का डेट 25 जून दिया था।इधर, सीबीआई के बड़े अधिकारी पटना में आर्थिक अपराध इकाई के ऑपिस पहुंचे और ईओयू के एडीजी के साथ मीटिंग की। इससे पहले आज सुबह पटना एसएसपी राजीव मिश्रा पटना के सीबीआई ऑफिस पहुंचे। जहां पर सीबीआई के अधिकारियों के साथ मामले को लेकर मीटिंग की। बता दें कि नीट पेपर लीक केस को सीबीआई ने रविवार को टेक ओवर किया था।
-झारखंड में ही सॉल्व कराकर कई राज्यों में भेजा गया
बिहार में ईओयू की जांच में भी कई खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक से सेंटर पहुंचने के दौरान पेपर लीक किया गया। उसके बाद झारखंड में ही सॉल्व कराकर कई राज्यों में भेजा गया।यही नहीं जिस ओएसिस स्कूल से पर्चा लीक होने की बात सामने आई थी। वहां भी खुद खुलने वाले डिजिटल लॉक को कटर से काटकर खोला गया था। जांच एजेंसी को शक है कि लॉकर को पहले ही खोल दिया गया, जिसकी वह से उसे काटना पड़ा।जिस पॉली बैग में प्रश्नपत्र पैक था, उसे नीचे से काटा गया और फिर ग्लू से चिपकाया गया था। पेपर के कूरियर और ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा ब्लूडार्ट कूरियर कंपनी को दिया गया था। गुजरात के अहमदाबाद से ब्लूडार्ट कंपनी ने पेपर रांची भेजा।
-ई-रिक्शा से प्रश्नपत्र को एसबीआई बैंक भेजा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से दिए गए नियमों के हिसाब से प्रश्नपत्र को सीधे रांची से हजारीबाग के जुलू पार्क स्थित एसबीआई बैंक भेजा जाना था। लेकिन कूरियर कंपनी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही पेपर के ट्रंक को 3 मई को रांची से हजारीबाग के ओरिया स्थित ब्लूडार्ट के दफ्तर भेज दिया।इसे सिर्फ एक चालक के भरोसे रांची से हजारीबाग भेजा गया। 3 मई को ही ओरिया से कूरियर कंपनी ने ई-रिक्शा से प्रश्नपत्र को एसबीआई बैंक भेज दिया।
-कूरियर कंपनी का संचालक फरार
ईओयू की टीम कूरियर कंपनी के दफ्तर गई तो उसका संचालक फरार मिला। उसके कर्मियों से पूछताछ की गई है और वहां का सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया गया।कूरियर कंपनी ने इस बात की जानकारी भी ईओयू को नहीं दी कि किस ई-रिक्शा से प्रश्नपत्र बैंक भेजा गया था। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो रहा है कि 5 मई को पेपर बैंक से सेंटर पहुंचने के दौरान उड़ाया गया है। इसलिए पटना में चिंटू के वॉट्सऐप पर 5 मई की सुबह में उत्तर सहित पेपर आया।
-जो डिजिटल लॉकर अपने आप खुलना था, उसे काटकर खोला
हजारीबाग के जिस ओएसिस स्कूल से नीट का पर्चा लीक होने की खबर है, वहां के प्राचार्य डॉ. एहसानउल हक ने बताया, पेपर 5 मई को सुबह के 8:30 बजे मिल गया था। दोपहर 2 बजे से परीक्षा थी और बॉक्स के डिजिटल लॉक बीप की आवाज के साथ दोपहर 1:15 बजे खुलने थे। डिजिटल लॉक नहीं खुला तो हमने 1:20 तक इंतजार किया।फिर एनटीए के कहने पर कटर से काटकर डिजिटल लॉक वाले बक्से को खोला गया। जांच टीम को संदेह है कि डिजिटल लॉक को पहले ही खोला जा चुका था, इसलिए वह समय पर खुद से नहीं खुला। बिहार पुलिस को जांच में पता चला कि जिस पॉली बैग में प्रश्नपत्र पैक था, उसे नीचे से काटा गया और फिर ग्लू से चिपकाया गया था।





