नीट पेपर लीक कांड : सीबीआई को बिहार में आने की इजाजत गृह विभाग ने जारी किया आदेश

नीट पेपर लीक कांड : सीबीआई को बिहार में आने की इजाजत
गृह विभाग ने जारी किया आदेश
डीजीपी केस से जुड़े तमाम कागजात सीबीआई को सौंप दें
पटना। नीट पेपर लीक मामले में नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सीबीआई और दिल्ली पुलिस को बिहार में आने की इजाजत दे दी है। पेपर लीक कांड में जांच अधिकारी स्वतंत्र रूप से प्रवेश कर सकते हैं। इस संबंध में गृह विभाग की ओर नोटिफिकेशन जारी किया गया है।गृह विभाग की विशेष सूचना में कहा गया है कि राजधानी के शास्त्रीनगर थाने में 5 जून को धारा 407, 408, 409 और 120बी के तहत केस दर्ज की गई थी। अब केस संख्या-558 सीबीआई को सौंप दिया गया है। जांच और अन्य कार्रवाई के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों को समूचे बिहार में अपनी शक्ति के प्रयोग की हम सहमति देते हैं। गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार की तरफ से यह अधिसूचना जारी की गई है। आदेश में डीजीपी को कहा गया है कि इस केस से जुड़े तमाम कागजात सीबीआई को सौंप दें।
-विशेष सूचना की जरूरत आखिर क्यों पड़ती है
जब किसी केस की जांच केंद्रीय एजेंसी खासकर सीबीआई करती है तो वह जांच प्रवेश अधिकार के बिना किसी राज्य में एंट्री नहीं कर सकती। केस से जुड़े पहलू की जांच के लिए सीबीआई को राज्य के अंदर जाना होता है। जांच छूट देने के बाद दिल्ली पुलिस के आॅफिसर की पूरी टीम संबंधित राज्य में एंट्री कर सकती है। इसके लिए सबसे पहले राज्य की ओर से प्रवेश अधिकार दिया जाता है। राज्य सरकार के प्रवेश अधिकार के बाद ही जांच एजेंसी और उनके आॅफिसर कार्रवाई कर सकते हैं।
-ईओयू ने जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी
ईओयू ने अब तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। ईओयू ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से पेपर के स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और हैंडओवर के बारे में दिए गए डिटेल से पता चलता है कि इस सिस्टम में खामियां हैं। जांच में संजीव मुखिया गिरोह की संलिप्तता का पता चला है। मुखिया नालंदा का निवासी है। जांच से यह भी पता चलता है कि लीक हुए पेपर को हल करके आरोपी बलदेव उर्फ चिंटू को भेजा गया था। जिसने फिर उसे प्रिंट करके मॉर्डन लर्न एंड प्ले स्कूल में छात्रों को दिया। चिंटू संजीव मुखिया के गिरोह का सदस्य है। पेपर कोड का मिलान झारखंड के हजारीबाग स्थित एक केंद्र से किया गया है।





