नीट पेपर लीक मामले में 7 आरोपियों को दिल्ली ले जाएगी सीबीआई - देर रात हजारीबाग के प्रिंसिपल से हुई पूछताछ

नीट पेपर लीक मामले में 7 आरोपियों को दिल्ली ले जाएगी सीबीआई
- देर रात हजारीबाग के प्रिंसिपल से हुई पूछताछ
पटना।नीट पेपर लीक मामले में पकड़े गए 7 आरोपियों को सीबीआई की टीम दिल्ली ले जाने की तैयारी में है। पटना के एलएनजेपी अस्पताल में 3 आरोपियों का मेडिकल कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी को प्लेन से दिल्ली ले जाया जाएगा। वहीं पटना के सीबीआई दफ्तर में शुक्रवार देर रात तक हजारीबाग ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल से पूछताछ होने की भी खबर है।इस केस में शुक्रवार (28 जून) को झारखंड के हजारीबाग से सीबीआई ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज और पत्रकार जमालुद्दीन हैं। एजेंसी तीनों को शुक्रवार रात करीब 10 बजे हजारीबाग से पटना लेकर पहुंची थी। इस केस में 27 जून को बिहार के पटना से एजेंसी ने 2 लोगों को अरेस्ट किया था।एहसान उल हक समेत 3 लोगों से सीबीआई ने शुक्रवार को दिनभर पूछताछ की। अब उन्हें स्पॉट पर ले जाकर टीम सबूतों को पुख्ता करेगी।सीबीआई और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 3 मई को नीट के क्वेश्चन पेपर कूरियर एजेंसी ब्लू डार्ट के हजारीबाग नूतन नगर सेंटर से बैंक ले जाने की बजाय पहले ओएसिस स्कूल लाए गए। इसके बाद यहां से बैंक भेजे गए। संदेह है कि क्वेश्चन पेपर का पैकेट स्कूल में ही खोला गया था।
-ओएसिस स्कूल से ही यूजीसी नेट पेपर लीक का भी शक
आज जब स्कूल में पूछताछ चल रही थी, तब एफ़एसएल की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने भी कुछ सबूत इकट्ठे किए हैं।एक अन्य जानकारी यूजीसी नेट से भी जुड़ी है, जो इसी स्कूल (ओएसिस) की है। यूजीसी नेट परीक्षा भी इसी सेंटर पर हुई थी। इसी स्कूल से नेट के प्रश्नपत्र लीक होने का शक भी है। आज टीम ने स्कूल के वाइस प्रिंसिपल सह सेंटर सुपरिंटेंडेंट इम्तियाज आलम का एक मोबाइल और लैपटॉप जब्त किया है। एजेंसी को शक है कि ओएसिस स्कूल से ही पेपर लीक किया गया है।
-चिंटू और मुकेश को लेकर रॉकी के घर पहुंची सीबीआई
पटना में शुक्रवार को ही सीबीआई आरोपी चिंटू और मुकेश को साथ लेकर उनके दोस्त रॉकी के घर पहुंची। बताया जा रहा है कि पटना के कंकड़बाग में रॉकी के घर से कई सबूत हाथ लगे हैं। चिंटू की देवघर में गिरफ्तारी के बाद रॉकी फरार हो गया था।सीबीआई ने चिंटू, मुकेश, आशुतोष और मनीष कुमार के मोबाइल की जांच की। पता चला कि ये सभी आरोपी पिछले 6 महीने से आपस में संपर्क में थे। हर आरोपी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी।





