मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

16 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
16 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

नई दिल्ली। देवाधिदेव महादेव व माता पार्वती को समर्पित मासिक शिवरात्रि गुरुवार यानी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है।

बैशाख मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 अप्रैल को शाम 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन चतुर्दशी का ही मान होगा। गुरुवार को सूर्योदय 5 बजकर 55 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक, उसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा।

योग इन्द्र सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

शिवरात्रि के दिन महादेव व माता पार्वती की आराधना का विशेष विधान है। इस दिन शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें। बेलपत्र, आक के फूल, सफेद चंदन और धतूरा चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। मंत्र का जाप करें।

इस व्रत से मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और सभी प्रकार की बाधाओं का नाश होता है। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

दृक पंचांग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के महत्वपूर्ण मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 10 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

वहीं, अमृत काल सुबह 9 बजकर 27 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 46 मिनट से 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक, यमगंड सुबह 5 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 31 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 9 बजकर 8 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 12 मिनट से 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें