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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:49 · नई दिल्ली संस्करण

भारत व श्रीलंका के बीच सैन्य वार्ता, बॉर्डर डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूती

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत व श्रीलंका के बीच सैन्य वार्ता, बॉर्डर डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूती

नई दिल्ली भारत व श्रीलंका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई है। इस वार्ता में सैन्य कमांडर्स ने दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने व क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की।

यह भारत और श्रीलंका के बीच आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता थी। भारतीय सेना के मुताबिक यह तीन दिवसीय सैन्य वार्ता बोधगया में आयोजित की गई।

तीन दिनों तक चली इन बैठकों में दोनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और मजबूत करने, इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने, तथा क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की है।

बैठक में श्रीलंका की ओर से छह-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंकाई आर्मी के मेजर जनरल रवी पथिराविथाना, डायरेक्टर जनरल जनरल स्टाफ ने किया। वहीं भारतीय पक्ष की ओर से संबंधित सैन्य शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस वार्ता में प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, तकनीकी सहयोग और आधुनिक सैन्य क्षमताओं के विकास पर कमांडर्स ने अपने अनुभव व प्रस्ताव साझा किए। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कई प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया। इनमें संयुक्त सैन्य अभ्यासों की संख्या और दायरा बढ़ाना, आतंकवाद-रोधी अभ्यास और मानवीय सहायता एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

सैनिकों के पेशेवर प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु कोर्स एक्सचेंज और ट्रेनिंग प्रोग्राम विस्तार पर भी चर्चा की गई। लॉजिस्टिक्स, संचार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की बात भी वार्ता में रखी गई। ऐसा होने पर दोनों सैन्य बल वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर समन्वय कर सकेंगे। दोनों देशों द्वारा रक्षा साझेदारी के नए अवसरों की पहचान, विशेषकर सीमा सुरक्षा, समुद्री सहयोग और नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।

भारत और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने इस दौरान यह भी रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों की विरासत, रक्षा सहयोग को एक नई दिशा प्रदान करती है। वार्ता के अंत में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

बोधगया में संपन्न हुई यह वार्ता न केवल सैन्य संबंधों को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई, बल्कि भारत व श्रीलंका के व्यापक रक्षा संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला मंच भी रही। अगले चरण की वार्ताएं अब 2026 में आयोजित की जाएंगी, जिसमें अब तक तय हुए सहयोगात्मक एजेंडे की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

गौरतलब है कि फिलहाल भारत और श्रीलंका की सेनाएं एक महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास को भी अंजाम दे रही हैं। इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के जवानों ने कई महत्वपूर्ण ड्रिल किए हैं।

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