सभी विश्विद्यालय के वीसी की आज दो मीटिंग -शिक्षा विभाग की बैठक में होंगे शामिल, राज्यपाल की मौजूदगी में होगी दूसरी बैठक

सभी विश्विद्यालय के वीसी की आज दो मीटिंग
-शिक्षा विभाग की बैठक में होंगे शामिल, राज्यपाल की मौजूदगी में होगी दूसरी बैठक
पटना।बिहार में राजभवन और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच तकरार की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच तकरार के बीच आज दो अहम बैठक होगी। एक तरफ राज्यपाल ने फिर से आज बैठक बुलाई है। वहीं, पटना हाई कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग ने सभी वीसी की बैठक बुलाई है। बैठक साढ़े दस बजे से बुलाई गई है।पटना हाई कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग ने बैठक बुलाई है। राजभवन और सरकार के बीच टकराहट को दूर करने के लिए यह बैठक है। होटल मौर्य में यह बैठक बुलाई गई है। इसमें शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक की वीडियोग्राफी का भी आदेश दिया गया है।अब एक बार फिर राजभवन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक को भी निमंत्रण भेजा गया है।राज्यपाल सह कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के निर्देश एक बार फिर बैठक बुलाई गई। इस बैठक में वर्तमान समय में स्नातक और स्नात्कोत्तर में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति कि जानकारी ली जाएगी। साथ ही इन दोनों परीक्षा की देरी पर समीक्षा की जाएगी। राजभवन में यह बैठक बुलाई गई है। बैठक दोपहर बाद करीब चार बजे होगी।राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चांग्थू ने बैठक को लेकर सभी कुलपतियों को पिछले सप्ताह के गुरुवार को पत्र भेजा था। पत्र में कुलपतियों को कहा गया था कि तय एजेंडा ब्योरा बैठक से तीन दिन पहले 3 मई तक राजभवन को भेजें।दरअसल, राजभवन और शिक्षा विभाग के बीच विश्वविद्यालयों के मुद्दे पर लंबे समय से टकराव चल रहा है। आईएएस केके पाठक ने फरवरी और मार्च महीने में कई बार विश्विद्यालय के वाइस चांसलर समेत अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। शिक्षा विभाग की इस बैठक से सभी वीसी दूरी बनाए रखी।इसके पीछे राज्यपाल थे। उन्होंने शिक्षा विभाग की बैठक में जाने की अनुमति नहीं दी थी।इसके बाद आईएएस केके पाठक ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते सभी कुलपतियों के वेतन और विश्वविद्यालयों के खाते पर रोक लगा दी थी। बैंक खाते को फ्रीज किए जाने के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने केके पाठक को 15 अप्रैल 2023 को तलब करते हुए अपने ऑफिस में बुलाया था लेकिन वो नहीं पहुंचे। इससे पहले भी राजभवन की ओर दो बार कुलपतियों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पाठक को भी बुलाया गया था, लेकिन उस वक्त में वो नहीं गए थे।





