ठाणे में भाषा को लेकर हिंसा पर भड़के चिराग पासवान, बोले – “मातृभाषा पर गर्व हो, पर संवेदनशीलता न खोएं”
ठाणे में भाषा को लेकर हिंसा पर भड़के चिराग पासवान, बोले – “मातृभाषा पर गर्व हो, पर संवेदनशीलता न खोएं”
📍 वैशाली, बिहार से रिपोर्ट
महाराष्ट्र के ठाणे से सामने आए एक चौंकाने वाले वीडियो में देखा गया कि एक दुकानदार को केवल इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी में बात नहीं की। यह घटना अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वैशाली( बिहार) में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस घटनाक्रम को कड़ी निंदा की और समाज में फैल रही भाषाई असहिष्णुता पर चिंता जताई है।
चिराग पासवान ने कहा, "यह मेरे लिए समझ से परे है कि आखिर देश में कितने और विभाजन किए जाएंगे—कभी भाषा के नाम पर, कभी धर्म या जाति के आधार पर। मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए, यह हमारी पहचान है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र की भाषा नहीं समझ पाता, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम इतने असहिष्णु हो जाएं कि उस पर हिंसा करें।"
उन्होंने भारत की मूल पहचान की ओर इशारा करते हुए कहा, "उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम—हमारे देश में भाषाएं, बोलियां और संस्कृति बदलती हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक रही है। ‘विविधता में एकता’ हमारी शक्ति है। कुछ नेता अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए समाज में ज़हर घोलने का काम कर रहे हैं। मैं इस प्रकार की विभाजनकारी राजनीति की कड़ी निंदा करता हूँ।”
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश को जोड़ने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है और इस तरह की घटनाएं हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी कहा कि "भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान हमारे गौरव के विषय हैं, लेकिन वे कभी भी हिंसा या नफरत की वजह नहीं बननी चाहिए।"
चिराग पासवान ने संवेदनशीलता और समरसता की अपील है, साथ ही स्पष्ट संदेश भी कि भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी भी हाल में तोड़ने नहीं दिया जाएगा।





