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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

बस्तर संभाग में मलेरिया का प्रकोप, 8,426 मरीज पॉजिटिव; कांकेर में 10 दिन में तीन मौतें

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बस्तर संभाग में मलेरिया का प्रकोप, 8,426 मरीज पॉजिटिव; कांकेर में 10 दिन में तीन मौतें

कांकेर,। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मर्दापोटी बालक आश्रम में पढ़ने वाले चौथी कक्षा के छात्र सुभाष कुमेटी (9) की रविवार काे इलाज के दौरान मौत हो गई। जिले में दो दिन में मलेरिया से दो बच्चों की जान जा चुकी है। बीते 10 दिनों में यह तीसरी मौत है, तीनों मृतक स्कूली बच्चे हैं। वहीं छात्रावास के 11 बच्चे पॉजिटिव पाये गये हैं। मलेरिया के मरीज मिलने के बाद कांकेर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर विभाग अलर्ट मोड पर है। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच कर रही है।

कांकेर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मर्दापोटी और इरादाह छात्रावास में कुल 11 छात्र मलेरिया संक्रमित मिले हैं। प्रभावित छात्रावासों और गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें कैंप लगाकर इलाज कर रही हैं। जांच करने के साथ ही दवायें बांटी जा रही हैं। सभी छात्रावासों में विशेष निगरानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य जांच में मलेरिया पॉजिटिव मिले तामेश्वर भास्कर (7) और विक्रम मंडावी (8) की हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया है। नवीन कुमेटी का इलाज एमसीएच अलबेलापारा में चल रहा है। मृतक छात्र सुभाष की तबीयत बिगड़ने पर परिजन पहले उसे अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक कराने ले गए थे। गंभीर हालत में रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। लगातार मौतों के बाद सहायक आयुक्त जया मनु और जिला स्वास्थ्य अधिकारी की टीम आश्रम पहुंची और बच्चों का दोबारा टेस्ट कराया।

बस्तर संभााग को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए अभियान का 14वां चरण चल रहा है, लेकिन संक्रमण नहीं थम रहा है। इस साल जनवरी से अब तक 8426 लोग मलेरिया से पीड़ित हो चुके हैं। बस्तर में एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कागजों पर 'मलेरिया मुक्त अभियान' का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि संक्रमण रोकने का सबसे मुख्य हथियार मेडिकेटेड मच्छरदानी पिछले दो साल से बांटी ही नहीं गई है। मानसून के साथ ही जुलाई-अगस्त से दिसंबर तक बस्तर में मलेरिया का पीक सीजन रहता है।

आदिम जाति कल्याण विभाग कांकेर के सहायक आयुक्त जया मनु ने बताया कि 22 जुलाई को सभी छात्रावासों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई गई थी, तब कोई भी मलेरिया संक्रमित नहीं मिला था। 24 जुलाई के बाद अचानक मामले सामने आए हैं।

कांकेर सीएमएचओ डा. आरसी ठाकुर ने बताया कि 22 तारीख तक तो कोई पॉजिटिव भी नहीं आया था। हमारी टीम 22 तारीख को भी जांच के लिए गई थी। लेकिन 24 तारीख को जब पुनः आए तब कुछ पॉजिटिव मिले और आज भी जांच कराई तो कुल 8 केस पॉजिटिव आए हैं। इरादा में अभी 3 केस पॉजिटिव आए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मलेरिया इतना तेजी से नहीं फैलता, लेकिन इस बार अचानक मलेरिया में कन्वर्ट हो रहा है। मलेरिया अपने आप में जानलेवा बीमारी हो जाती है। सीएमएचओ ने बताया कि विभाग की टीम हॉस्टल-आश्रम जाकर लगातार परीक्षण कर रही है।

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