India-US Trade Deal 90% Done: ट्रेड डील पर अमेरिका का बड़ा बयान, बोला - बहुत जल्द होगा ऐलान

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ऐतिहासिक ट्रेड डील को लेकर सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका के एक सीनियर स्टेट डिपार्टमेंट अधिकारी ने कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील 90% से ज्यादा पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ आखिरी 10% के कुछ पेचीदा मुद्दों पर बात बाकी है। वॉशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, "Stay tuned, हम बहुत करीब हैं। डील 90% प्लस पूरी हो चुकी है और बस फाइनल चीजों पर काम चल रहा है। मुझे उम्मीद है आप बहुत जल्द कुछ देखेंगे।"
उन्होंने इस डील को दोनों देशों के रिश्तों का "सबसे बड़ा अड़ंगा" बताया और कहा कि इसके पूरा होते ही भारत-अमेरिका संबंध एक नए लेवल पर पहुंच जाएंगे। अधिकारी के मुताबिक, पिछले कई दशकों से डिफेंस, टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी पर दोनों देश साथ हैं, लेकिन ट्रेड ही वो एक पॉइंट रहा है जहां बात हमेशा अटक जाती है। इस बार दोनों सरकारें इसे खत्म करना चाहती हैं। इधर भारत के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भी गुरुवार को इंडिया 3.0 फोरम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील "done and dusted" है। बस अब भारत को अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले सही Competitive Advantage चाहिए ताकि डील को तुरंत लागू किया जा सके।
गोयल ने बताया कि भारत ने अमेरिका समेत 9 ट्रेड एग्रीमेंट लगभग फाइनल कर लिए हैं। फरवरी 2026 में दोनों देशों ने Bilateral Trade Agreement (BTA) का अंतरिम फ्रेमवर्क भी तैयार किया था। अब उसी पर फाइनल मुहर लगनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेड डील में आखिरी 10% ही सबसे मुश्किल होता है। इस फेज में वही मुद्दे बचते हैं जो राजनीतिक तौर पर सबसे संवेदनशील होते हैं। भारत के लिए कृषि प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करना और डिजिटल ट्रेड, डेटा लोकलाइजेशन पर अमेरिका को रियायत देना बड़ा फैसला है। वहीं अमेरिका से भारत को चाहिए कि वो भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए वीजा प्रोसेस आसान करे और भारतीय एक्सपोर्टर्स को वियतनाम, बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले बेहतर मार्केट एक्सेस दे।
दोनों देशों ने Mission 500 का टारगेट रखा है, यानी द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाना। अगर ये डील होती है तो भारतीय टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स को अमेरिका में कम टैरिफ पर एंट्री मिलेगी, वहीं अमेरिकी कंपनियों को भारत के विशाल बाजार में आसानी होगी। फिलहाल कोई ऑफिशियल साइनिंग डेट नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से दोनों तरफ से बयान आ रहे हैं, उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है।
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