मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर बड़ा फैसला, 200 से अधिक की होगी नसबंदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर बड़ा फैसला, 200 से अधिक की होगी नसबंदी

जगदलपुर। बस्तर के नक्सली संगठन में रहने के दौरान नक्सलियें द्वारा जिन युवाओं की नसबंदी कराई गई थी, उनके आत्मसमर्पण करने के बाद 200 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली नसबंदी खुलवाकर अब वे अपना परिवार बसाना चाहते हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने पिछले दिनों पुलिस के आला अधिकारियों के साथ पुनर्वास की समीक्षा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बस्तर पहुंचकर विशेष चिकित्सा शिविर में नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया करेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठनों में भर्ती होने वाले युवाओं की नसबंदी करा दी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा में लौटे कई युवक अब विवाह कर परिवार बसाना चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से नसबंदी खुलवाने में सहयोग मांगा है। सरकार इसे आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास का हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है। वर्तमान में नसबंदी खुलवाने आत्मसमर्पित 200 से अधिक पुर्नवासित युवक इच्छुक है। जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बस्तर पहुंच सकती है। इसके बाद शिविर लगाकर इच्छुक लोगों की चिकित्सकीय जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बस्तर के एसएसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि नसबंदी खुलवाने के मामले पहले भी सामने आए हैं। सुकमा सहित बस्तर के अन्य क्षेत्रों में शिविर लगाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया जा चुका है। यूरोलाजिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने बस्तर पहुंचकर करीब 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों की नसबंदी खोलने की प्रक्रिया की थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें