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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:33 · नई दिल्ली संस्करण

ISIS पुणे मॉड्यूल मामले में बड़ी सफलता: एनआईए ने 3 लाख के इनामी आतंकी रिजवान अली उर्फ अबू सलमा को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ISIS पुणे मॉड्यूल मामले में बड़ी सफलता: एनआईए ने 3 लाख के इनामी आतंकी रिजवान अली उर्फ अबू सलमा को किया गिरफ्तार

ISIS पुणे मॉड्यूल मामले में बड़ी सफलता: एनआईए ने 3 लाख के इनामी आतंकी रिजवान अली उर्फ अबू सलमा को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली, 11 जुलाई 2025 — राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अपने अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने ISIS पुणे स्लीपर मॉड्यूल से जुड़े एक प्रमुख साजिशकर्ता रिजवान अली उर्फ अबू सलमा उर्फ मौला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था।

एनआईए के अनुसार, रिजवान अली भारत में आईएसआईएस की गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल था। वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करता था, संदिग्ध जगहों पर बैठकों का आयोजन करता था और आईईडी विस्फोट की तैयारी तथा परीक्षण में भी हिस्सेदार था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले मॉड्यूल का अहम हिस्सा था।

रिजवान अली को एजेंसी ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर दिल्ली से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह नाम, सिम कार्ड, और लोकेशन बदलकर लगातार सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने की कोशिश करता रहा। उसकी गिरफ्तारी से इस मॉड्यूल से जुड़े कई अन्य आरोपियों और योजनाओं की जानकारी मिलने की संभावना है।

एनआईए की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि भारत में आतंकी नेटवर्क की कोई जगह नहीं है। यह गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि कानून चाहे जितनी देर से चले, आतंक के खिलाफ न्याय कभी नहीं चूकता। एनआईए ने दो टूक कहा है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

यह गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी नीति की मजबूती को दर्शाती है, साथ ही यह भी संदेश देती है कि भारत अब आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति के साथ निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।

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