तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को दिल्ली उच्च न्यायालय से तगड़ा झटका

तृणमूल कांग्रेस की बर्खास्त सांसद सदस्य से दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकारी आवास जल्द से जल्द खाली कर दें। लोकसभा से निष्कासित तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने पूछा कब तक खाली करेंगे आवास यह पूछे जाने पर कि उन्हें आवास खाली करने में कितना समय लगेगा, इसके जवाब में वकील ने कहा, "चार महीने का समय लगेगा, लेकिन अगर कोर्ट को लगता है कि इतना समय ज्यादा है तो दो या ढ़ाई महीने भी ठीक रहेगा।" इस पर कोर्ट ने कहा, चार महीने क्यों? आवास को खाली करने के लिए तीन दिनो क्यों नहीं? यदि आपने तीन दिन, चार दिन या एक सप्ताह का समय मांगा होता तो इस पर विचार करते।"
हम बता दें कि सरकारी बंगले को खाली करने के मामले में मिले नोटिस के खिलाफ दायर उनकी याचिका को कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। मोइत्रा ने संपदा निदेशालय के नोटिस को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद संपदा निदेशालय ने मोइत्रा को आवंटित सरकारी बंगला तुरंत खाली करने को कहा था। महुआ मोइत्रा को यह बंगला बतौर सांसद रहते आवंटित किया गया था। 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद उनके सरकारी बंगले का आवंटन रद्द कर दिया गया था। महुआ मोइत्रा के वकील ने कहा वह बीमार हैं सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील ब्रिज गुप्ता ने कोर्ट से कहा कि वह अधिकारियों को भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें इस तरह से परिसर से बाहर नहीं निकाला जाना चाहिए।
कोर्ट में दलील देते हुए उनके वकील ने कहा, "महुआ मोइत्रा का एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है और दिल्ली में उनके पास कोई दूसरा घर नहीं है।" सरकारी वकील ने कहा कि महुआ मोइत्रा को यह आवास एक सांसद के रूप में आवंटित किया गया था और अब वह सांसद नहीं हैं।





