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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

लैंड फॉर जॉब घोटाला: कोर्ट ने 103 आरोपियों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई को दिए दो दिन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लैंड फॉर जॉब घोटाला: कोर्ट ने 103 आरोपियों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई को दिए दो दिन

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब (जमीन के बदले नौकरी) घोटाले से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई सोमवार को हुई। इस दौरान अदालत ने सीबीआई को सभी आरोपियों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया। अब अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

यह पूरा मामला लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित कुल 103 आरोपियों से जुड़ा है। सीबीआई ने अपनी जांच और चार्जशीट में दावा किया है कि रेलवे में नौकरी के बदले बड़ी मात्रा में जमीन ली गई और ज्यादातर लेनदेन कैश में किया गया। एजेंसी का आरोप है कि यह प्रक्रिया योजनाबद्ध भ्रष्टाचार का हिस्सा थी।

अदालत ने सीबीआई से कहा था कि कई आरोपी अब जीवित नहीं हैं, इसलिए यह साफ होना जरूरी है कि किस आरोपी की क्या स्थिति है। कौन जीवित है, कौन नहीं, किसकी क्या भूमिका है और किनके खिलाफ आगे कार्रवाई संभव है।

इसी जानकारी के लिए कोर्ट ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।

सीबीआई ने अदालत से रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए एजेंसी को दो दिनों का समय दिया है।

इस मामले में सीबीआई ने चार्जशीट आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 468-467 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) के तहत दाखिल की है। इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 11, 12, 13, 8 और 9 भी शामिल की गई हैं।

एजेंसी का आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर नौकरी दिलाने के बदले लोगों से जमीन ली गई। कुछ जगह सेल डीड मौजूद हैं, लेकिन अधिकांश ट्रांजैक्शन कैश और हवाला जैसे तरीकों से किए गए। सीबीआई का मानना है कि यह भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर किया गया था।

इससे पहले 4 दिसंबर को भी फैसला सुनाने की संभावना जताई गई थी, लेकिन आरोपियों की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण फैसला टाल दिया गया था। अदालत ने सीबीआई को 8 दिसंबर तक सभी आरोपियों की स्थिति बताने का निर्देश दिया था, जिसकी जानकारी अभी पूरी नहीं हो पाई। इसी वजह से सुनवाई अब 10 दिसंबर को होगी।

लैंड फॉर जॉब घोटाला पिछले कुछ वर्षों से देश की राजनीति और जांच एजेंसियों के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

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