लक्ष्य दीप पहुंचने के लिए लगी होड़, पर्यटन के लिए परमिट व्यवस्था है सबसे बड़ी बाधा

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा क्या किया कि इस केंद्र शासित राज्य में पर्यटन को नए पंख लग गए। ऑल इंडिया टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक बीते तीन दिनों में उनके पास लक्षद्वीप को लेकर जितनी बुकिंग को लेकर कॉल आई हैं उतनी आज तक कभी नहीं पहुंची। अनुमान के मुताबिक अगले तीन महीने के भीतर बीते तीन दिनों में ही बहुत से लोग लक्षद्वीप जाने की बुकिंग करा चुके हैं।
लक्ष्य दीप आने में सबसे बड़ी दिक्कत परमिट को लेकर है। ऑल इंडिया टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक यहां जाने के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। क्योंकि परमिट पाने की प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेने में कई तरह के प्रोसेस करने होते हैं। यही वजह है कि सामान्य पर्यटक लक्षद्वीप जाने से कतराते भी हैं। लेकिन टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक जिस तरह से उनके पास मांग बढ़ रही है उससे यह प्रक्रिया ग्रुप के लिहाज से आसान भी हो जाएगी। संगठन के अजय भल्ला कहते हैं कि अब सरकार की ओर से भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वहां पर कई व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।
फिलहाल लक्षद्वीप का पर्यटन और स्पोर्ट्स विभाग भी अपने राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिहाज से तैयारियों में जुट गया है। हालांकि लक्षद्वीप अभी भी हवाई मार्ग से सिर्फ केरल से ही जुड़ा है। इसलिए यहां पर पर्यटकों की उपस्थिति उतनी ज्यादा नहीं हो पा रही है। एआईटीटीओए ने मांग भी की है कि प्रधानमंत्री की विजिट के बाद अब देश के प्रमुख राज्यों से लक्षद्वीप सीधे तौर पर जुड़ेगा और वहां का पर्यटन बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप विजिट के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले शब्दों में लक्षद्वीप प्रमुख स्थान पर रहा है।
ऑल इंडिया टूर एंड मार्ट के अनुसार मोदी की विजिट के बाद से बीते तीन दिनों में उनके पास लक्षद्वीप को लेकर सबसे ज्यादा फोन आ रहे हैं। भल्ला कहते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके संगठन से जुड़े टूर ऑपरेटर्स के पास भी रोजाना लगातार सैकड़ो की संख्या में लक्षद्वीप के बारे में जानकारियां ली जा रही है। ऑल इंडिया टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक जितनी कॉल्स उन लोगों के पास बीते तीन दिनों में आई है आज तक लक्षद्वीप से संबंधित कभी भी इतनी कॉल नहीं पहुंची। वह कहते हैं कि उनके संगठन से जुड़े टूर ऑपरेटर के पास पूरे देश से तकरीबन 7000 से ज्यादा बुकिंग सिर्फ लक्षद्वीप के लिए हुई हैं। विज्ञापन इंडिया टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक अक्टूबर से लेकर मार्च तक का महीना ही लक्षद्वीप जाने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजिट भी इसी समय हुई है। इसलिए अब लक्षद्वीप में टूरिज्म पीक पर पहुंच सकता है। लेकिन उनका कहना है कि लक्षद्वीप में अन्य पर्यटन स्थलों की तरह अभी भी वह सुविधाए वहां पर नहीं है। लेकिन वह उम्मीद जताते हैं कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप और यहां के पर्यटन को लेकर अपील की है उससे निश्चित तौर पर इस राज्य में सुविधा भी बढ़ेगी और पर्यटन तो हर हाल में बढ़ेगा।
इंडिया ट्रैवल मार्ट के अनुसार अभी लक्षद्वीप जाने के लिए सिर्फ केरल के कोच्चि से ही सीधी फ्लाइट मिलती है। उनका कहना है अगर लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देना है तो देश के अलग-अलग राज्यों खास तौर से देश की राजधानी या अन्य प्रमुख शहरों से सीधी फ्लाइट जरूर होनी चाहिए। ताकि लोग वहां पर अपनी सुविधा अनुसार सीधे पहुंच सके। दरसल अभी लक्षद्वीप में जाने के लिए केरल के कोच्चि से फ्लाइट लेनी होती है। यहां के पोर्ट से एक फेरी (पानी वाले जहाज से) लेकर भी लक्षद्वीप पहुचा जाता है।
इंडिया ट्रैवल मार्ट के अनुसार कुछ समय में लक्षद्वीप जाने वालों की संख्या तो बड़ी है लेकिन सीधे कनेक्टिविटी ना होने के चलते लोग लक्ष्यद्वीप की बजाय अंडमान निकोबार की ओर जाना पसंद करते हैं। वह बताते हैं कि अभी भी कुछ प्राइवेट क्रूज मुंबई से चलकर लक्षद्वीप आते हैं उसमें पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप में पर्यटन बढ़ाने की अपील कारगर होती है तो देश का यह अनोखा आइलैंड अमेरिका के हवाई और मालदीव के खूबसूरत बीच को पीछे छोड़ देगा। आंकड़ों के मुताबिक अभी भी लक्षद्वीप में टूरिस्ट देश के अन्य किसी पर्यटन स्थल की तुलना में सबसे कम पहुंचते हैं।
लक्षद्वीप के पर्यटन एवं स्पोर्ट्स विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल लक्षद्वीप में तकरीबन 25000 पर्यटक पहुंचे थे। दरअसल लक्षद्वीप में सब लोगों का प्रवेश बगैर परमिट के प्रतिबंधित है।





