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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:42 · नई दिल्ली संस्करण

भारत रत्न पाने वाले बिहार के चौथे व्यक्ति बने कर्पूरी ठाकुर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत रत्न पाने वाले बिहार के चौथे व्यक्ति बने कर्पूरी ठाकुर

-लालू और नीतीश भी मानते हैं अपना गुरु, दो बार रहे बिहार के सीएम

-नीतीश कुमार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने फैसला लिया

पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाजा गया है। कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार की तरफ से इसकी घोषणा की गई है। कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के मुख्यमंत्री, एक बार उप मुख्यमंत्री और बिहार के शिक्षा मंत्री रहे हैं।इसके साथ ही वे कुछ समय के लिए समस्तीपुर से सांसद भी रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर भारत रत्न पाने वाले बिहार में जन्मे चौथे शख्स हैं। इनसे पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जय प्रकाश नारायण और बिस्मिल्ला खान को भारत रत्न मिल चुका है।कर्पूरी ठाकुर को बिहार के सामाजिक न्याय का मसीहा माना जाता है। उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए जो न केवल बिहार में बल्कि देश में मिशाल बना। देश में सबसे पहले उन्होंने पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया। इतना ही नहीं देश में सबसे पहले महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने का श्रेय भी कर्पूरी ठाकुर को जाता है। हालांकि, बाद में उनके फैसले को समाप्त कर दिया गया।1967 में जब पहली बार बिहार में गैर कांग्रेसी सरकार बनी तो उसमें महामाया प्रसाद को मुख्यमंत्री और कर्पूरी ठाकुर को डिप्टी सीएम बनाया गया था। इसके साथ ही इन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। शिक्षा विभाग का मंत्री रहते हुए कर्पूरी ठाकुर ने पढ़ाई में अंग्रेजी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मैट्रिक तक की पढ़ाई को भी मुफ्त कर दिया। साथ ही उन्होंने बिहार में उर्दू को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा भी दिया।कर्पूरी ठाकुर को यूं ही सामाजिक न्याय का प्रणेता नहीं माना जाता है। उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले बिहार सचिवालय में एक व्यवस्था ये थी की फोर्थ ग्रेड का कोई भी कर्मचारी सचिवालय का लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्हें ये फैसला रास नहीं आया और मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने लिफ्ट का दर‌वाजा सभी कर्मचारियों के लिए खोल दिया।1977 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मुंगेरीलाल कमीशन को लागू किया। इसके कारण पिछड़ों को नौकरियों में आरक्षण मिला।जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि जन नायक कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती पर विलंब से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुरोध के बाद केंद्र सरकार ने भारत रत्न देने का फैसला लिया। स्वाभाविक रूप से देश के संविधान में अपनी आस्था रखने वाले, सामाजिक परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाने वाले कर्पूरी ठाकुर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तो है ही। ये फैसला नई पीढ़ी को जन नायक के विचार को अंगीकार करते हुए नीतीश कुमार ने सरजमीं पर उतारा है। उन तथ्यों का आने वाली पीढ़ी मूल्यांकन करेंगी।

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