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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

परीक्षाएं रद्द होने से नौकरी गई, झारखंड में कर्मियों का मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
परीक्षाएं रद्द होने से नौकरी गई, झारखंड में कर्मियों का मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन

रांची। झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द किए जाने के खिलाफ आंदोलन कर रहे चयनित अभ्यर्थियों को गुरुवार को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन (झारखंड मंत्रालय) के मुख्य द्वार से हटा दिया गया। सचिवालय सुरक्षा टीम ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए अभ्यर्थियों से धरना समाप्त करने को कहा। प्रशासन के निर्देश के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां लगाए गए टेंट और अन्य सामान हटा लिया और अब विधानसभा के समीप कुटे मैदान में धरना जारी रखने का फैसला किया है।

सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रोजेक्ट भवन उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है और यहां बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। इसके बाद सुरक्षा टीम ने धरना स्थल पर लगाए गए टेंट को हटवा दिया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि प्रशासन ने विरोध-प्रदर्शन के लिए कुटे मैदान को निर्धारित किया है।

इसके बाद अभ्यर्थी बिना किसी विवाद के वहां से हटने को तैयार हो गए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और वे कुटे मैदान में अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया में सफल रहे अभ्यर्थियों को बिना उनकी गलती के नौकरी से हटाना उचित नहीं है।

उनका कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी और चयनित होने के बाद नियुक्ति पाई थी। प्रोजेक्ट भवन से हटाए जाने के बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी कुटे मैदान पहुंचेंगे। वहां जेएसएससी-सीजीएल के चयनित अभ्यर्थी पहले से ही धरने पर बैठे हैं। ऐसे में दोनों परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन अब एक ही स्थान से जारी रहने की संभावना है।

झारखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के आधार पर कई परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके खिलाफ चयनित अभ्यर्थी अलग-अलग स्तर पर विरोध कर रहे हैं और सरकार के फैसले के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं।

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