झामुमो लोकसभा चुनाव में झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा, प. बंगाल और असम में उतारेगी अपने उम्मीदवार

झामुमो लोकसभा चुनाव में झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा, प. बंगाल और असम में उतारेगी अपने उम्मीदवार
केंद्र के इशारे पर हेमंत सोरेन को किया जा रहा प्रताड़ित-सीएम
रांची: मुख्यमंत्री आवास में गुरुवार को झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। सेहत खराब होने की वजह से झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। वहीं न्यायिक हिरासत में रहने की वजह से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी बैठक में नहीं थे। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के सभागार में हुई झामुमो की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों को यह बताया कि पार्टी झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा, प. बंगाल और असम में भी लोकसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
झामुमो के केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि उनके नेता हेमंत सोरेन को केंद्र सरकार के इशारे पर जिस तरह केंद्रीय एजेंसी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, उसके खिलाफ राज्य से लेकर पंचायत तक न्याय मार्च, उपवास जारी रहेगा। पार्टी के कार्यकर्ता पंचायत से लेकर प्रखंड और जिला मुख्यालय तक में उपवास, न्याय मार्च और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से यह बात जन जन तक ले जाएंगे। इसके जरिए वे लोगों को बताएंगे कि जब युवा मुख्यमंत्री ने झारखंड के विकास की बात की, यूनिवर्सल पेंशन जरूरतमंदों को दिया, राज्यकर्मियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ दिया, सभी को अबुआ आवास देने लगे, वंचित समुदाय के युवाओं को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने की व्यवस्था की, तो उन्हें साजिश कर के भाजपा और केंद्र की सरकार ने झूठे मामले में फंसा दिया।
पूरी पार्टी एकजुट, कहीं कोई असंतोष- मिथिलेश ठाकुर
पार्टी के केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीता सोरेन की अनुपस्थिति, लोबिन हेम्ब्रम की बैठक के बीच से ही चले जाने और बैद्यनाथ राम के देर से पहुंचने को सामान्य बात बताते हुए मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। विधानसभा के बजट सत्र में हेमंत सोरेन को शामिल होने की पीएमएए कोर्ट से इजाजत नहीं मिलने पर मिथिलेश ठाकुर ने इसे कोर्ट का फैसला बताया। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि यहां एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।





