लोहरदगा लोकसभा सीट पर फंसा झामुमो और कांग्रेस के बीच पेंच

लोहरदगा लोकसभा सीट पर फंसा झामुमो और कांग्रेस के बीच पेंच
रांची: झामुमो और कांग्रेस के बीच लोहरदगा लोकसभा सीट को लेकर फंसी पेंच सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। इस बाबत कांग्रेस के नेताओं के साथ दो दौर की वार्ता भी हो चुकी है। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि लोहरदगा सीट को लेकर सहयोगी कांग्रेस के साथ सहमति नहीं बन पा रही है। इसलिए सीट शेयरिंग फॉर्मूले को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो की चाहत लोहरदगा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने की है। इसकी वजह यह है कि 2004 के बाद लोहरदगा लोकसभा सीट कांग्रेस लगातार तीन बार हार चुकी है। दूसरी वजह यह है कि लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले पांच विधानसभा सीट में से तीन सीट झामुमो के पास है, जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ दो विधानसभा सीट है। ऐसे में झामुमो चाहता है कि कांग्रेस यह सीट हमारे लिए छोड़ दे। लोहरदगा लोकसभा सीट से 2004 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में रामेश्वर उरांव की जीत हुई थी। उसके बाद वर्ष 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां परचम लहराया है। 2019 विधानसभा चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया था।पांचों सीट महागठबंधन ने जीती थी। जिसमें से झामुमो को तीन और कांग्रेस को दो सीट मिली।





