झारखंड राज्यसभा चुनाव में खेला संभव ,कहीं उद्योगपति के जीत का कारण न बन जाए

झारखंड राज्यसभा चुनाव में खेला संभव ,कहीं उद्योगपति का जीत का कारण न बन जाए
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव मे मुंबई के उद्योगपति हरिहर महापात्रा की इंट्री से राज्यसभा चुनाव दिलचस्प हो गया है। पहले भी कई बार बाहर से आए उम्राम यहां से राज्यसभा चुनाव जीतते रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में अंदेशा जताया जा रहा है कि कही झारखंड राज्यसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश जैसा कुछ न हो जाए। इसका खुलासा सोमवार को होगा
जब महापात्रा नामांकन दाखिल करने जायेंगे और तब उनके प्रस्तावक भी नजर आयेंगे। क्योंकि सदन के कम से कम 10 सदस्यों का समर्थन नमांकन के वक्त जरुरी होता है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 29 विधायकों का समर्थन है। उनके उम्मीदवार पूर्व विधायक सरफराज अहमद हैं। अगर झामुमो की ओर से क्रॉस वोटिंग होती है तो सरफराज अहमद के लिए मुसिबत खड़ी हो जायेगी। क्योंकि महापात्रा को कांग्रेस के 17 विधायकों, राजद का एक, भाकपा माले का एक, एनसीपी का एक और दो निर्दलीय (सरयू राय और अमित यादव) विधायकों का समर्थन अगर मिल भी जाए तो पहली प्राथमिकता के 22 वोट ही हो पायेगा। अगर आजसू और भाजपा की ओर से तीन वोट और जोड़ दिया जाए तो भी 24 वोट ही हो पायेगा ऐसे में सारा खेला झामुमो की क्रास वोटिंग पर ही निर्भर करेगा।





