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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंडः भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ देवेंद्र महतो की ‘भर्ती सुधार यात्रा’ 24 अगस्त से

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
झारखंडः भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ देवेंद्र महतो की ‘भर्ती सुधार यात्रा’ 24 अगस्त से

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित भर्ती प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की थी। इनमें 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई, जबकि 17 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए। महतो ने हाईकोर्ट में सरकार की ओर से की गई पैरवी पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीडीपीओ और जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले अब अदालत में हैं। सरकार ने सीआईडी जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर इन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। लेकिन हाईकोर्ट में सरकार को अपना पक्ष रखने का मौका मिलने के बावजूद सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों और रिपोर्ट को प्रभावी तरीके से अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया, यह बड़ा सवाल है।

उन्होंने कहा कि इससे छात्रों और आम लोगों में निराशा है। छात्रों को उम्मीद थी कि सरकार की कार्रवाई के बाद भर्ती व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में पेपर लीक तथा परीक्षा में गड़बड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी।

महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी निर्दोष अभ्यर्थी की नौकरी छीनना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य की भी सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों का संघर्ष भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ है। महतो ने घोषणा की कि 24 अगस्त से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से ‘भर्ती सुधार यात्रा’ शुरू होगी। यात्रा के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों, शिक्षकों, प्रोफेसरों और आम लोगों के बीच भर्ती व्यवस्था को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने की गारंटी देनी होगी कि भविष्य में झारखंड में पेपर लीक नहीं होगा और भर्ती परीक्षाओं में धांधली की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि 45 भर्ती प्रक्रियाओं पर सीआईडी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच में गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आगामी सितंबर में होने वाली न्यायिक सुनवाई में यदि सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव, चक्का जाम और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी। महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड गठन के 26 वर्षों में भर्ती व्यवस्था को लेकर छात्रों के साथ लगातार अन्याय और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।

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