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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:18 · नई दिल्ली संस्करण

इसरो का सबसे आधुनिक मौसम उपग्रह लॉन्च, प्राकृतिक आपदाओं की समय पूर्व मिलेगी सटीक जानकारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

हैदराबाद। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार शाम जीएसएलवी एफ 14 रॉकेट की मदद से मौसम उपग्रह इनसैट-3 डीएस को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शाम 5.35 बजे लॉन्च किया गया। इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने लॉन्चिंग की सफलता पर वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी।

इसरो के अनुसार इस लॉन्चिंग में तीन बड़ी उपलब्धियां हासिल हुईं। पहली, यह जीएसलएलवी की 16वीं उड़ान है। स्वदेशी क्रायो स्टेज की 10वीं उड़ान और स्वदेशी क्रायो स्टेज की सातवीं ऑपरेशनल फ्लाइट है। जीएसएलवी-एफ14 रॉकेट ने लॉन्चिंग के बाद इनसैट-3डीएस सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में पहुंचा दिया। इसके बाद ही सैटेलाइट के सोलर पैनल्स भी खुल गए हैं। यानी इसरो के इस सैटेलाइट को सूरज से मिलने वाली रोशनी से ऊर्जा मिलती रहेगी और यह काम करता रहेगा।

यह वर्तमान में कक्षा में मौजूद इनसैट-3डी और इनसैट-3 डीआर उपग्रहों के साथ काम करता है। इस उपग्रह के काम करने से मौसम संबंधी सटीक जानकारियां मिल सकेंगी। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना में यह मददगार होगा, जिससे समय रहते बचाव एवं राहत कार्य की तैयारियां की जा सकेंगी।

इसरो की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार पहले लॉन्च किए गए इनसैट- 3डी और इनसैट- 3डीआर उपग्रहों की अगली कड़ी के रूप में इनसैट-3 डीएस भेजा गया है। लगभग 2,275 किलोग्राम वजनी इनसैट-3 डीएस उपग्रह में अत्याधुनिक तकनीक से डिजाइन पेलोड हैं।

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