मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:21 · नई दिल्ली संस्करण

विदेश मंत्री अचानक ईरान पहुंचे, ईरानी राष्ट्रपति से की मुलाकात

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
विदेश मंत्री अचानक ईरान पहुंचे, ईरानी राष्ट्रपति से की मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान पहुंचे और वहां के विदेश मंत्री और राष्ट्रपति से मुलाकात की। भारतीय विदेश मंत्री की ईरान की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जयशंकर ने 15 जनवरी यानी सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाह्यान से मुलाक़ात की।

जयशंकर ने कहा, ''हमने भारत के आसपास के क्षेत्र में भी कुछ हमले देखे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी चिंता का विषय है. ज़ाहिर है कि इससे भारत के हितों को भी खतरा पैदा हो रहा है। इस तरह के हालात से किसी को फ़ायदा नहीं होगा। यस जयशंकर ने अपने बयान में फ़लस्तीन का ज़िक्र करते हुए कहा, ''मैं ये बात दोहराता हूं कि फ़लस्तीन के मुद्दे पर भारत दो राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन लंबे वक़्त से करता रहा है, जहां फ़लस्तीनी लोग एक आज़ाद और सुरक्षित सरहदों वाले देश में खुलकर रह सकें। मैं सभी पक्षों से उकसावे की कार्रवाई ना करने और बातचीत, डिप्लोमेसी के रास्ते पर आगे बढ़ने की ज़रूरत पर ज़ोर देता हूं

राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने इस मुलाक़ात में भारत और ईरान के बीच हुए समझौतों को लागू करने और तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया गया है। इन समझौतों में चाबहार प्रोजेक्ट भी शामिल है। रईसी ने ये भी कहा कि जो समझौते भारत ईरान के बीच हुए, उनमें आई देरी की क्षतिपूर्ति किए जाने की ज़रूरत है। भारत ईरान में चाबहार पोर्ट को विकसित कर रहा है और रईसी इसी पोर्ट के काम में आई देरी की तरफ़ इशारा कर रहे थे। चाबहार को लेकर कहा जा रहा है कि प्रोजेक्ट में देरी के कारण भारत से ईरान ख़ुश नहीं है।

ईरान चाहता है कि भारत इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करे। इस मामले में भारत की तुलना चीन से की जाती है कि चीन अपनी परियोजनाओं को जल्दी लागू कर देता है जबकि भारत ऐसा नहीं कर पाता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के पास पैसे और संसाधन की कमी नहीं है इसलिए वह भारी पड़ता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें