जेएसएससी पेपर लीक कांड में बिहार विधानसभा के कर्मी की भी संलिप्तता आई सामने 30 लाख में हुई थी डील, गिरफ्तार अवर सचिव ने उगले राज

रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस पेपर लीक कांड में रांची से लेकर पटना तक के सरकारी अफसरों, कोचिंग संचालकों और धंधेबाजों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो. शमीम और उनके दो बेटों ने छह अभ्यर्थियों को परीक्षा के पहले 27-30 लाख रुपये में पर्चे उपलब्ध कराए थे। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में बिहार विधानसभा के कर्मी मोहम्मद रिजवान की भी संलिप्तता सामने आयी है। रिजवान गिरफ्तार अवर सचिव का दामाद है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआइटी की टीम ने पटना के अनीसाबाद स्थित उसके घर में छापेमारी की, मगर वह फरार मिला। मो. शमीम ने बताया कि जेएसएससी पेपर लीक मामले में छह अभ्यर्थियों से डीलिंग हुई थी। सौदा 27 से 30 लाख में तय हुआ था। दो अभ्यर्थियों की परीक्षा 28 को हुई थी. परीक्षा से दो दिन पहले ही दोनों को पटना भेज दिया गया था। पटना में मो. शमीम के दामाद रिजवान ने उनके रहने की व्यवस्था की थी। एक अभ्यर्थी का सेंटर धनबाद और दूसरे का रांची में था।





