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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

रायपुर : संस्थान नवाचार परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन का राज्यपाल ने किया उद्घाटन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रायपुर : संस्थान नवाचार परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन का राज्यपाल ने किया उद्घाटन

रायपुर। नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल रमेन डेका ने आज मंगलवार को संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।श्री डेका ने कहा कि, यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है।डेका ने कहा कि, 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं। केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करें। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।

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