मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण सफलतापूर्वक पूर्ण, 1.69 करोड़ प्रपत्र एकत्रित, कोई बदलाव नहीं – चुनाव आयोग

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण सफलतापूर्वक पूर्ण, 1.69 करोड़ प्रपत्र एकत्रित, कोई बदलाव नहीं – चुनाव आयोग

बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण सफलतापूर्वक पूर्ण, 1.69 करोड़ प्रपत्र एकत्रित, कोई बदलाव नहीं – चुनाव आयोग

पटना, 6 जुलाई 2025

बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम का प्रारंभिक चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है, जैसा कि कुछ भ्रामक अफवाहों में दावा किया जा रहा है।

एसआईआर की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी और इसके तहत प्रारंभिक चरण में मतगणना प्रपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य शामिल था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। अब तक 1.69 करोड़ यानी कुल 21.46% प्रपत्रों का संग्रह किया जा चुका है। बिहार के 7.90 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से यह एक बड़ी संख्या है। केवल पिछले 24 घंटों में ही 65 लाख से अधिक प्रपत्र एकत्रित किए गए हैं।

निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्टता :

चुनाव आयोग ने पुनः स्पष्ट किया है कि यह विशेष सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूर्वनिर्धारित निर्देशों के अनुसार ही संचालित हो रही है और इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है। आगामी 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे जिनके प्रपत्र प्राप्त हो चुके होंगे।

मतदाता 25 जुलाई 2025 तक अपने दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद, यदि किसी दस्तावेज़ में कमी पाई जाती है, तो दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान संबंधित ईआरओ (Electoral Registration Officer) स्वयं मतदाता से अभिलेख मंगा सकते हैं।

डिजिटल अपलोड और पारदर्शिता :

इस बार विशेष रूप से ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल और ऐप के माध्यम से स्वप्रविष्टि की सुविधा भी दी गई है। अब तक 7.25 प्रतिशत प्रपत्र ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं। ECINET ऐप पर अधूरे प्रपत्र भी डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें मतदाता स्वयं भरकर अपलोड कर सकते हैं।

BLO और वालंटियर की जबरदस्त भूमिका:

77,895 बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं और कई मामलों में मतदाता की लाइव तस्वीरें लेकर सीधे अपलोड भी कर रहे हैं, जिससे मतदाताओं को फोटो स्टूडियो जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही। इसके अतिरिक्त 20,603 नए BLOs की भी नियुक्ति की जा रही है, ताकि कार्य समयबद्ध और सटीक रूप से पूरा किया जा सके।

लगभग 4 लाख वालंटियर, जिनमें सरकारी कर्मचारी, NCC कैडेट, NSS सदस्य आदि शामिल हैं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार और असहाय मतदाताओं को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय :

इस व्यापक अभियान को सफल बनाने में 239 EROs, 963 AEROs, 38 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs) और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) भी ज़मीनी स्तर पर कार्यरत हैं। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1,54,977 बूथ स्तर एजेंट (BLAs) भी सक्रिय रूप से इस प्रक्रिया में सहयोग दे रहे हैं।

महत्वपूर्ण तिथियाँ और अगला चरण :

25 जुलाई 2025: प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि

1 अगस्त 2025: प्रारंभिक मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन

इसके बाद: दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया

बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम को ज़मीनी स्तर पर जनसहयोग और प्रशासनिक प्रयासों से मजबूती मिली है। चुनाव आयोग की ओर से पारदर्शिता, तकनीक के उपयोग और समावेशी दृष्टिकोण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र मतदाता सूची में शामिल हो और किसी को भी वंचित न किया जाए।

यह प्रक्रिया लोकतंत्र के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें