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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:54 · नई दिल्ली संस्करण

प्रलयकारी बाढ़: इतने अरब नेपाली रुपये का बुनियादी ढांचा हुआ नष्ट, PM मोदी ने कहा...

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रलयकारी बाढ़: इतने अरब नेपाली रुपये का बुनियादी ढांचा हुआ नष्ट, PM मोदी ने कहा...

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ को पिछले 33 वर्षों की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक माना जा रहा है। इस जल प्रलय ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 133 भारतीयों सहित 1000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

इस प्राकृतिक आपदा से अंदाजन 200 बिलियन नेपाली रुपये, यानी करीब 12 हजार करोड़ भारतीय रुपये से अधिक के बुनियादी ढांचे का नुकसान हो चुका है। यह भयावह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब तिब्बत की सीमा के पास एक भूकंप आया। अधिकारियों का मानना है कि भूकंप के झटकों की वजह से ग्लेशियल लेक फटा होगा, जिससे पानी का बहाव तीव्र गति से नदियों में आ गया।

भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ का पानी नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया, जिसने राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में 157 शव बरामद किए गए हैं। नेपाल सरकार ने लगभग 500 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। चीन के सीमावर्ती हिस्से में भी तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है।

नेपाल से सामने आए कई वीडियो इस तबाही की भयावहता को बयां करते हैं। इन वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से बहता दिखाई दिया, जिसने इमारतों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। एक वीडियो में एक चार मंजिला इमारत को पल भर में बहते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूसरे वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल टूटता हुआ नजर आया। कई पुल तेज बहाव के कारण ढह गए। भारत ने इस मुश्किल घड़ी में नेपाल को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात की और मानवीय सहायता का आश्वासन दिया। भारत ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भी भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और नेपाल सरकार के अधिकारियों के संपर्क में है।अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 1000 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय शामिल हैं।

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