भारतीय रेलवे को मिली 574 किलोमीटर नेटवर्क विस्तार की मंज़ूरी, 11,169 करोड़ रुपये की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं 2028 तक होंगी पूर्ण

भारतीय रेलवे को मिली 574 किलोमीटर नेटवर्क विस्तार की मंज़ूरी, 11,169 करोड़ रुपये की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं 2028 तक होंगी पूर्ण
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025 — प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज भारतीय रेलवे के लिए चार बड़ी मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है। लगभग 11,169 करोड़ रुपये की लागत से ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के 13 जिलों में फैली होंगी और रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 574 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी।
इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
इटारसी–नागपुर चौथी लाइन
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)–परभणी दोहरीकरण
अलुआबारी रोड–न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी और चौथी लाइन
डांगोपोसी–जारोली तीसरी और चौथी लाइन
परियोजनाओं के तहत रेलवे की परिचालन क्षमता और सेवा विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह निर्णय भारतीय रेलवे के भीड़भाड़ को कम करने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और लॉजिस्टिक नेटवर्क को मज़बूत करने के दृष्टिकोण से लिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के "नवभारत" और "आत्मनिर्भर भारत" के विज़न के अनुरूप ये परियोजनाएं न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेंगी, बल्कि लगभग 229 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोज़गार भी सृजित करेंगी। इन परियोजनाओं से लगभग 2,309 गांवों की 43.60 लाख की जनसंख्या को लाभ मिलेगा।
पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई इन योजनाओं का उद्देश्य बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और रसद दक्षता में सुधार करना है। ये मार्ग कोयला, सीमेंट, कृषि उत्पाद, कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पादों जैसी वस्तुओं के निर्बाध परिवहन के लिए आवश्यक हैं और इनके ज़रिए लगभग 95.91 मिलियन टन प्रति वर्ष माल की आवाजाही संभव होगी।
रेलवे, जो पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम है, इन परियोजनाओं के ज़रिए देश की रसद लागत को कम करने, 16 करोड़ लीटर तेल आयात घटाने और 515 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में सहायक सिद्ध होगा। यह पर्यावरणीय दृष्टि से 20 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव डालेगा।
सरकार का यह कदम देश में संरचनात्मक विकास को गति देने और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक प्रयास है।





