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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:42 · नई दिल्ली संस्करण

रक्षा उत्पादन में भारत ने लगाई लंबी छलांग, 5 साल में 90 प्रतिशत की वृद्धि

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रक्षा उत्पादन में भारत ने लगाई लंबी छलांग, 5 साल में 90 प्रतिशत की वृद्धि

नई दिल्ली। नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1,50,590 करोड़ रुपए के साथ अपने सर्वाधिक उच्च स्तर पर रहा। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 के 1.27 लाख करोड़ की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। साल 2019-20 में यह आंकड़ा 79,071 करोड़ था, यानी 5 साल में 90 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह निरंतर वृद्धि भारत के मजबूत होते रक्षा औद्योगिक आधार का स्पष्ट संकेत है। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन में काम करने वाली कंपनियों और निजी उद्योगों के सामूहिक प्रयास की सराहना की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ने लिखा, "मैं इस उपलब्धि को हासिल करने में रक्षा उत्पादन विभाग और सभी हितधारकों, यानी रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के निर्माताओं और निजी उद्योग के सामूहिक प्रयासों की सराहना करता हूं। यह बढ़ती हुई प्रगति भारत के मजबूत होते रक्षा औद्योगिक आधार का स्पष्ट संकेत है।"

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों का कुल उत्पादन में लगभग 77 प्रतिशत योगदान रहा, जबकि निजी क्षेत्र का योगदान 23 प्रतिशत रहा। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023-24 में 21 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23 प्रतिशत हो गई, जो देश के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

रक्षा मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत भारत सरकार के रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटाने और देश में एक मजबूत रक्षा औद्योगिक ढांचा खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो न सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करे, बल्कि निर्यात क्षमताओं को भी सशक्त बनाए।"

गौरतलब है कि रक्षा निर्यात में भी देश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात बढ़कर 23,622 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसमें वित्त वर्ष 2023-24 के 21,083 करोड़ रुपए के रक्षा निर्यात आंकड़ों की तुलना में 2,539 करोड़ रुपए या 12.04 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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