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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

भारत अगली ऊर्जा महाशक्ति बनने की राह पर: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Bengaluru में 5 GW BESS फैक्ट्री का उद्घाटन किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
भारत अगली ऊर्जा महाशक्ति बनने की राह पर: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Bengaluru में 5 GW BESS फैक्ट्री का उद्घाटन किया

भारत अगली ऊर्जा महाशक्ति बनने की राह पर: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Bengaluru में 5 GW BESS फैक्ट्री का उद्घाटन किया बेंगलुरु, 28 जून 2025: बेंगलुरु के बिदादी औद्योगिक क्षेत्र में भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया, जब केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने अत्याधुनिक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) विनिर्माण सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। यह प्रतिष्ठान भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला युगांतकारी कदम है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के संकल्प को गति देगा और भारत को स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में अग्रणी बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

उद्घाटन के अवसर पर मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस पहल को भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश का पावर ग्रिड हर वर्ष हजारों मेगावाट अक्षय ऊर्जा को समाहित करता जा रहा है, वैसे-वैसे ऊर्जा भंडारण की विश्वसनीय और सुदृढ़ प्रणाली की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक हो गई है। यह BESS संयंत्र न केवल भारत का सबसे बड़ा है, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी अत्यंत आधुनिक और सक्षम है, जिसकी वार्षिक निर्माण क्षमता 5 गीगावाट प्रति घंटा है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह पूरी तरह से स्वचालित संयंत्र अत्यधिक सटीकता और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बैटरी पैक तैयार करेगा। इस अत्याधुनिक उत्पादन प्रणाली से तैयार बैटरियाँ देश के ग्रिड को अधिक स्थिर बनाएंगी, पावर सप्लाई में पीक डिमांड के समय स्थायित्व देंगी, और नवीकरणीय ऊर्जा को निर्बाध रूप से जोड़ने में सहायता करेंगी। श्री जोशी ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसी परियोजनाएं देश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार, अनुसंधान एवं नवाचार और घरेलू विनिर्माण इको-सिस्टम को मजबूती देने का कार्य करेंगी, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन को और अधिक सशक्त बनाएंगी।

उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा भंडारण की वैश्विक क्षमता का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। ऊर्जा भंडारण गठबंधन के अनुसार, भारत के इस क्षेत्र में वर्ष 2032 तक ₹4.79 लाख करोड़ से अधिक का निवेश संभावित है। इसी दिशा में, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण का अनुमान है कि वर्ष 2032 तक भारत को ऊर्जा भंडारण में कुल 411 गीगावाट की आवश्यकता होगी, जिसमें से 236 गीगावाट BESS और 175 गीगावाट पंप स्टोरेज परियोजनाओं से पूरी की जाएगी।

मंत्री जोशी ने यह जानकारी भी दी कि केंद्र सरकार बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के तहत अतिरिक्त ₹5,400 करोड़ की सहायता देने जा रही है। यह पहले से स्वीकृत ₹3,700 करोड़ की राशि के अतिरिक्त है, जिसके अंतर्गत 13.2 गीगावाट की परियोजनाएँ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इन प्रयासों से भारत आयात पर निर्भरता कम करेगा, घरेलू तकनीक और निर्माण को बढ़ावा देगा तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक भरोसेमंद और कुशल भागीदार के रूप में स्थापित होगा।

प्रल्हाद जोशी ने इस अवसर पर कहा कि भारत हर वर्ष 25 से 30 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ रहा है, लेकिन यदि पर्याप्त भंडारण न हो, तो यह ऊर्जा या तो नष्ट हो जाती है या फिर कोयले जैसे परंपरागत स्रोतों पर वापस निर्भर रहना पड़ता है। इसलिए बैटरी भंडारण प्रणाली हमारे ग्रिड को मजबूत, लचीला और स्मार्ट बनाएगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को स्थायित्व प्राप्त होगा।

उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भारत न केवल बैटरी और इनवर्टर, बल्कि BESS से जुड़ी सभी तकनीकों जैसे कंट्रोल सिस्टम, सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स में भी वैश्विक नेतृत्व कर सकता है। वर्ष 2022 से 2032 के बीच भारत द्वारा 47 गीगावाट से अधिक बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़े जाने की योजना है, जिसके लिए ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की परिकल्पना की गई है। यह आंकड़ा भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षा, दूरदर्शिता और नीतिगत प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, वह केवल ऊर्जा नीति नहीं है—बल्कि यह एक वैश्विक नेतृत्व की यात्रा है, जहाँ भारत हरित विकास, नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ एक अगली ऊर्जा महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। यह उस नए भारत की कहानी है, जो अपने संसाधनों, अपने विज्ञान, अपने श्रम और अपनी नीति की शक्ति से विश्व को ऊर्जा समाधान देने के लिए तैयार है।

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