भारत ने रचा अंतरिक्ष इतिहास: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की सकुशल वापसी, डॉ. जितेंद्र सिंह बोले – "अब अंतरिक्ष जगत में भारत की स्थायी पहचान"

भारत ने रचा अंतरिक्ष इतिहास: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की सकुशल वापसी, डॉ. जितेंद्र सिंह बोले – "अब अंतरिक्ष जगत में भारत की स्थायी पहचान"
नई दिल्ली, 16 जुलाई 2025 –
भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन से सकुशल लौटे भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वापसी को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे "दुनिया के लिए गौरव का क्षण और भारत के लिए सम्मान की घड़ी" बताया है। उन्होंने कहा, "भारत के एक सपूत की वापसी के साथ, भारत ने अंतरिक्ष जगत में स्थायी स्थान बना लिया है।"
SpaceX के ड्रैगन कैप्सूल 'ग्रेस' में सवार चार सदस्यीय Axiom-4 मिशन दल मंगलवार को पृथ्वी पर लौटा। यह कैप्सूल भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे के करीब सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में उतरा। 18 दिन के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) प्रवास के बाद 22.5 घंटे की वापसी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
डॉ. सिंह ने इस ऐतिहासिक क्षण पर विज्ञान, मीडिया और ISRO के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं है, यह भारत के वैज्ञानिक आत्मविश्वास और वैश्विक साझेदारी का प्रतीक है। हमने वो प्रयोग किए हैं जो पहले कभी नहीं हुए। यह भारत के वैज्ञानिक सपनों के नए युग की शुरुआत है।”
Axiom-4 मिशन में अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज़ उज़नान्स्की-विश्नेव्स्की, हंगरी के टिबोर कापु और भारत के शुभांशु शुक्ला शामिल थे। सोमवार को शाम 4:45 बजे IST पर स्पेसक्राफ्ट ने ISS से विदाई ली थी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सभी चारों अंतरिक्ष यात्री 23 जुलाई तक मेडिकल जांच और पुनः अनुकूलन प्रक्रियाओं के लिए क्वारंटीन में रहेंगे। इसके बाद 24 जुलाई से ISRO के वैज्ञानिकों से औपचारिक चर्चा शुरू होगी। Axiom और NASA के साथ भी विस्तृत डिब्रीफिंग की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने शुभांशु शुक्ला को "विश्व बंधु" बताया। उन्होंने कहा, “यह मिशन सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक भाईचारे की भावना का भी प्रतीक है। अंतरिक्ष में भारतीय उपस्थिति अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी बन चुकी है।”
डॉ. सिंह ने संकेत दिया कि शुभांशु शुक्ला के 17 अगस्त के आसपास भारत लौटने की संभावना है। उनके स्वागत की तैयारी भारत में जोरशोर से की जा रही है।
मंत्री ने इसे भारत के लिए वैज्ञानिक और सांकेतिक दोनों रूपों में ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आकाश की ओर देखने और बड़े सपने देखने का आह्वान किया था। यह मिशन उस सपने की शुरुआत है, जो आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई दिशा देगा।”
Axiom-4 मिशन में भारत की भागीदारी, भारत के भावी गगनयान मानव अंतरिक्ष अभियान के लिए भी मील का पत्थर मानी जा रही है।





