INDIA गठबंधन में फूट: DMK के अलग होते ही कांग्रेस का पलटवार - कहा B-टीम के साथ जाएंगे

तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK के बीच तकरार अब खुलकर सामने आ गई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने से नाराज DMK ने INDIA गठबंधन से दूरी बना ली है, जिस पर अब कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि DMK को इस फैसले पर पछतावा होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने DMK पर निशाना साधते हुए कहा, "INDIA गठबंधन मजबूत है, जिन लोगों ने गठबंधन छोड़ा है उन्हें अपनी गलती का पछतावा होगा।"
उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि DMK संसद में बीजेपी के बगल में बैठना चाहती थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या INDIA गठबंधन को अब DMK की जरूरत नहीं है? तो टैगोर ने कहा, "हमने ऐसा कुछ नहीं कहा। वे बस इससे बाहर निकल गए। वे बस बीजेपी के बगल में बैठना चाहते थे, हमने उन्हें बीजेपी के बगल में बैठने के लिए नहीं कहा था।" DMK नेता कनिमोझी के तीसरा मोर्चा बनाने वाले बयान पर भी कांग्रेस ने चुटकी ली। मणिकम टैगोर ने कहा कि कनिमोझी ने जिनके भी दरवाजे खटखटाए, वे सब बंद मिले। अब वे बीजेपी की पूर्व 'B-टीम' यानी BRS और दूसरों को आजमाएंगे, जो आमतौर पर सदन के अंदर बीजेपी की मदद करते हैं और बाहर बीजेपी के खिलाफ बोलते हैं। यही एकमात्र विकल्प बचा है।
बता दें कि DMK ने कांग्रेस पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था। DMK का कहना था कि दशकों से साथ चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने सत्ता के लिए TVK का दामन थाम लिया। चुनाव में DMK को 59 सीटें और कांग्रेस को 5 सीटें मिली थीं। TVK 118 के बहुमत से पीछे थी, तो कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए TVK को समर्थन दे दिया, जिससे DMK नाराज हो गई। उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि कांग्रेस पर दोबारा कभी भरोसा नहीं करेंगे। मणिकम टैगोर ने बताया कि INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक कई बड़े कार्यक्रमों का ऐलान किया है। इसमें 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और सांसदों का ECI कार्यालय तक मार्च शामिल है।
उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन जमीनी स्तर पर मिलकर काम करेगा और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए अभी से माहौल बनाएगा। कांग्रेस के मुताबिक DMK और AAP ने आज की INDIA गठबंधन की अहम बैठक से दूरी बनाई है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और वोट चोरी के आरोपों पर रणनीति बननी है। कांग्रेस का दावा है कि मदुरंतकम में उनकी स्पष्ट जीत होगी और DMK के बिना भी INDIA गठबंधन दक्षिण में मजबूत है। अब देखना होगा कि DMK का तीसरा मोर्चा बनता है या वो फिर से बीजेपी के करीब जाती है।
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