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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:49 · नई दिल्ली संस्करण

हिमाचल प्रदेश: सेना ने किन्नौर में दिया अदम्य साहस का परिचय, कई लोगों को बचाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हिमाचल प्रदेश: सेना ने किन्नौर में दिया अदम्य साहस का परिचय, कई लोगों को बचाया

शिमला। भारतीय सेना ने हिमाचल प्रदेश में आम लोगों को बचाने के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। इसकी जानकारी गुरुवार को दी गई। बताया गया कि अंधेरे, तेज धाराओं और अस्थिर भूभाग के बीच सेना की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक त्रासदी को टाल दिया।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय किन्नौर जिले में होजिस लुंगपा नाला भारी बारिश से उफान पर आ गया था।

यह घटना बुधवार शाम लगभग 7 बजे हुई। ऋषि डोगरी घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल फटने से आई बाढ़ ने सतलुज नदी पर बने पुल को अपनी चपेट में ले लिया और एक व्यक्ति घायल हो गया।

बताया गया कि यह स्थल सीपीडब्ल्यूडी के अधीन गंगथांग ब्रालम की ओर एक सक्रिय सड़क निर्माण क्षेत्र था।

पुलिस अधीक्षक से तत्काल अनुरोध प्राप्त होने पर, सेना ने तुरंत एक मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) दस्ता तैनात किया।

तेज धाराओं का सामना करते हुए, टीम उस स्थान पर पहुंची और दूर किनारे पर चार नागरिकों को फंसा हुआ पाया।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, एचएडीआर टीम ने सामान्य क्षेत्र को रोशन किया। उन्होंने फंसे हुए नागरिकों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया और घायल व्यक्ति को जिला मुख्यालय, रिकांग पियो के क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया।

भारतीय सेना ने इस अभियान में सहायता के लिए आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल किया, जिनमें लॉजिस्टिक्स ड्रोन हाई एल्टीट्यूड (एलडीएचए) प्रणाली भी शामिल थी, जो बाढ़ के पानी में खाद्य सामग्री और नारियल पानी सहित आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के लिए रात भर फंसे लोगों की मदद करती रही।

बचाए गए नागरिकों की पूह स्थित एक सैन्य शिविर में निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि जल स्तर कम होने के बाद फंसे हुए लोगों को उनके मूल स्थान पर वापस लाने की योजना बनाई जा रही है।

इसमें आगे कहा गया, "यह अभियान सेना की तत्परता, नवाचार और सबसे प्रतिकूल वातावरण और चरम मौसम की स्थिति में भी जीवन की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।"

बता दें, बुधवार शाम कुल्लू जिले के अन्नी उपखंड के भीमद्वारी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में कुछ घर और वाहन बह गए। इसमें किसी भी शख्स के हताहत होने की सूचना नहीं है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कुल्लू जिले के बंजार उपखंड में सभी शैक्षणिक संस्थान एहतियाती कदम के तौर पर गुरुवार को बंद रहेंगे।

लाहौल-स्पीति जिले के गोंधला की पहाड़ियों में बादल फटने से त्रिलिंग गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि, जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर यातायात बंद कर दिया गया है।

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