हेमंत सोरेन पुलिस कस्टडी में, चाचा के श्राद्ध कर्म में होंगे शामिल,प्रोविजनल बेल को हाई कोर्ट ने किया खारि

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन वाली प्रोविजनल बेल वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हेमंत सोरेन की तरफ से उनके चाचा के निधन पर श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए प्रोविजनल बेल की मांग की गई थी। लैंड स्कैम के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी पूर्व सीएम हेमंत सोरेन द्वारा प्रोविजनल बेल के लिए दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हेमंत सोरेन की याचिका को खारिज करते हुए किसी भी तरह का प्रोविजनल बेल देने से इनकार कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा है कि हेमंत सोरेन अपने चाचा के श्राद्धकर्म में 6 मई को शामिल हो सकते हैं. लेकिन इस दौरान वह पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे और उसी दिन जेल वापस लाया जाएगा। मालुम हो की 30 अप्रैल को रांची प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की विशेष कोर्ट ने हेमंत सोरेन को प्रोविजनल बेल देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट के इस आदेश को हेमंत सोरेन ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। उन्होंने अपनी अपील में हाईकोर्ट से तीन दिनों की प्रोविजनल बेल मांगी थी। याचिका में उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया था कि उन्हें अपने चाचा के श्राद्ध कर्म में शामिल होने की अनुमति दी जाये। पिछले शनिवार को रांची में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के बड़े भाई राजाराम सोरेन का निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे. निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया। पार्थिव शरीर को उनके दिवंगत भाई लालू सोरेन के पुत्र दयानंद सोरेन ने मुखाग्नि दी।





