धमतरी:गर्मी में बढ़ी पेयजल की शिकायतें, कंट्रोल रूम को मिली 475 शिकायतें
धमतरी,।गर्मी के मौसम में पेयजल की शिकायतें बढ़ गई है। अप्रैल माह
के पखवाड़े से मई माह में पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों ने पेयजल कंट्रोल
रूम में शिकायतें दर्ज कराई है। माहभर में जिलेभर से कुल 475 शिकायतें दर्ज
कराई हैं, जिसमें से पीएचई विभाग की टीम ने 412 का निराकरण किया। जबकि अभी
भी 63 पेंडिंग में है। सबसे ज्यादा शिकायतें जिले के नगरी ब्लाक से मिली
है। वनांचल क्षेत्र होने की वजह से इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेयजल संकट
है।
गर्मी शुरू होते ही पीएचई विभाग शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के
लोगों को पेयजल संकट की जानकारी देने के लिए टोलफ्री नंबर जारी किया है।
जिसमें लोगों ने पेयजल संकट से संबंधित शिकायतें टोल फ्री नंबर से दर्ज
कराई है। रिकार्ड के अनुसार 15 अप्रैल से 10 मई तक कुल विभाग को हैंडपंप,
बोर पंप, नल कनेक्शन, बोर में खराबी समेत कई परेशानी आने पर लोगों ने
शिकायतें दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार जिले में कुल 475 शिकायत मिली है।
जिसमें से विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम शिकायत स्थल पहुंचकर 412
का निराकरण किया। जबकि अभी भी मिली शिकायतों में 63 शिकायतों का निराकरण
नहीं हुआ है। धमतरी ब्लाक में 91 शिकायतें मिली थी, जिसमें से 75 का
निराकरण कर लिया गया है। वहीं कुरूद ब्लाक में 127 शिकायतें मिली थी,
जिसमें से 112 का निराकरण किया गया। 15 शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ है।
नगरी ब्लाक में सबसे ज्यादा 157 शिकायतें मिली है, जिसमें 140 का निराकरण
हुआ है और 17 पेडिंग है। इसी तरह मगरलोड ब्लाक में कुल 100 शिकायतें है,
जिसमें 85 का निराकरण हुआ और 15 शिकायत पेंडिग है। ग्रामीणों ने हैंडपंप
खराब होने, नलकूप में पर्याप्त पानी नहीं आने, नल जल योजना बंद होने,
टूल्लू पंप लगाने से समस्या, नवीन नलकूप खनन की मांग समेत कई शिकायतें
ग्रामीणों ने टोल फ्री नंबर से विभाग में की थी।
जानकारी के अनुसार
पीएचई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 225 शिकायतों में जब टीम पहुंची तो
किसी प्रकार की खराबी व शिकायतें नहीं मिली। बेवजह लोगों ने टोलफ्री नंबर
पर शिकायत किया था। जिसमें धमतरी में 59, कुरूद में 52, मगरलोड में 29 और
नगरी में 85 शिकायतें थी। पीएचई के ईई आरके शुक्ला ने कहा कि गर्मी शुरू
होने के साथ पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री जारी किया गया था,
जिसमें ग्रामीणों से मिले शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।





