राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को रोकने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का मामला अब न्यायालय में पहुंच गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायासय के सामने एक जनहित याचिका (PIL)
दायर
की गई है। याचिका में 22 जनवरी को आयोजित होने वाले अयोध्या के राम मंदिर में राम
लला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर रोक लगाने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर अभी अधूरा है। वहीं 22 जनवरी को राम मंदिर के अभिषेक
कार्यक्रम से पहले अयोध्या में सात दिनों का 'प्राण प्रतिष्ठा'
समारोह
मंगलवार को शुरू हुआ। वैदिक विद्वान आचार्य श्री गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने कहा
कि हफ्तेभर चलने वाले अनुष्ठान के दूसरे दिन, भगवान राम लला
की मूर्ति दोपहर 1:20 बजे के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर के परिसर का भ्रमण करेगी।
एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, याचिका
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले भोला दास की तरफ से दायर की गई है। याचिका
में कहा गया है कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष माह में कोई भी धार्मिक कार्यक्रम
आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर अभी भी
निर्माणाधीन है और ऐसे में देवता की प्रतिष्ठा नहीं हो सकती,क्योंकि यह
सनातन परंपरा के साथ खिलवाड़ होगा।
याचिका में कहा गया है कि निर्माणाधीन मंदिर
में रामलला की मूर्ति स्थापित की जाएगी। यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। शंकराचार्यों को प्राण
प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर आपत्ति है, क्योंकि मंदिर अभी भी अधूरा है और ऐसे
में किसी भी देवता की प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती।"





