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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

तेज बारिश का कहर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; कमारपारा का सड़क संपर्क टूटा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
तेज बारिश का कहर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; कमारपारा का सड़क संपर्क टूटा

धमतरी। सावन माह में हुई तेज बारिश ने धमतरी जिले के नगरी ब्लाक अंतर्गत ग्राम फरसियां के कमारपारा में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नहर निर्माण के दौरान पुरानी पुलिया तोड़कर नई पुलिया का निर्माण शुरू किया गया, लेकिन समय पर कार्य पूरा नहीं होने और वैकल्पिक व्यवस्था की अनदेखी के कारण कमारपारा का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों पर पड़ रहा है। किसान खाद लेने सोसाइटी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो गया है। वहीं राशन, किराना और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो गई है तथा बच्चे स्कूल जाने से वंचित हैं।

ग्रामीणों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से सोंढूर नहर पर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के लिए पुरानी पुलिया करीब तीन माह पहले तोड़ दी गई थी और लोगों की आवाजाही के लिए नहर में मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता बनाया गया था। इधर लगातार बारिश और सोंढुर बांध के गेट खुलने के बाद नहर में जल प्रवाह बढ़ गया, जिससे अस्थायी पुल का मिट्टी हटाकर नहर को खोल दिया गया। इसके बाद कमारपारा का पंचायत भवन, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक स्थानों से सड़क संपर्क कट गया। समस्या के समाधान के लिए अधूरी पुलिया के दोनों ओर मिट्टी डालकर रास्ता बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन लगातार बारिश के कारण वह घुटनों तक कीचड़ और दलदल में बदल गया। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया वाहन, साइकिल, मवेशी ही नहीं, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग और ठेकेदार को वर्षा ऋतु की जानकारी होने के बावजूद समय रहते पुल निर्माण पूरा नहीं किया गया, जिससे आज पूरा कमारपारा परेशानियों का सामना कर रहा है। कमारपारा निवासी किराना व्यवसायी रुद्र नारायण सिन्हा ने बताया कि तीन माह पहले पुरानी पुलिया तोड़ने के दौरान पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त कर दी गई थी, जिसके कारण पिछले दो-तीन माह से नल-जल योजना का पानी नहीं मिल रहा है। पूरी गर्मी ग्रामीण पेयजल संकट से जूझते रहे और अब सड़क संपर्क भी टूट गया है। उन्होंने संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय रहवासी देवेंद्र यादव ने कहा कि पुलिया पर घुटनों तक कीचड़ होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और यह गंभीर लापरवाही का मामला है। प्रशासन इस ओर कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण कुमार सार्वा ने कहा कि कमारपारा जाने वाली सड़क के अलावा अन्य सड़कों की जांच कराने के अलावा वर्षा के कारण क्षतिग्रसत सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सके।

ग्रामीण तोषण सिन्हा ने कहा कि राशन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित है, कई महीनों से पेयजल व्यवस्था ठप है और कमार बस्तियों के विकास पर खर्च होने वाली राशि का लाभ धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने, पुल निर्माण शीघ्र पूरा कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण कुंदन यादव ने आशंका जताई कि यदि कोई ग्रामीण बीमार हो जाए तो एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच सकेगी, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

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